उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस योजना की वास्तविक सफलता केवल निर्माण कार्य पूरा होने या भुगतान होने से नहीं, बल्कि हर घर तक स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होने से मानी जाएगी। यदि लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचता, तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। इसलिए सभी एजेंसियां गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें तथा जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां नियमित जलापूर्ति भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने अधिकारियों एवं ठेकेदारों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा घटिया गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जल संरक्षण को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक पेयजल बोरवेल के साथ रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण अनिवार्य रूप से करें, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके, भू-जल स्तर में सुधार आए तथा भविष्य में पेयजल स्रोतों की स्थिरता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण एवं दीर्घकालिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी उपाय प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
जशपुरनगर 28 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान हो चुके कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी तथा जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्य कर रहे विभिन्न एजेंसियों के ठेकेदार उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण को भी समान रूप से प्राथमिकता देना है, ताकि भविष्य में जल स्रोतों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।








