
अम्बिकापुर 20 अगस्त 2026/ जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती रूबी कुमारी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र सेमरडांड़ में सेक्टर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी जा रही थी।
बैठक के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र में चार बच्चे उपस्थित थे। आंगनबाड़ी सहायिका शिमला द्वारा बच्चों को भोजन कराने के बाद लगभग 11.15 बजे जया उम्र 4 वर्ष 10 माह, सरस्वती उम्र 7 वर्ष, ऋतिक उम्र 8 वर्ष तथा संतोषी उम्र 5 वर्ष 2 माह को उनके घर छोड़ने के लिए ले जाया गया। इसके पश्चात सहायिका वापस आंगनबाड़ी केन्द्र लौट आई।
इसी दौरान लगभग 12.55 बजे आंगनबाड़ी केन्द्र में बैठक कर रहे कर्मचारियों को बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। सेक्टर पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य किया। निर्माणाधीन छात्रावास में कार्यरत मजदूरों द्वारा दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर जया की डूबने से मृत्यु होने की पुष्टि हुई, जबकि ऋतिक को सुरक्षित बचा लिया गया।
घटना के संबंध में परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर पर्यवेक्षक द्वारा निर्माणाधीन छात्रावास में कार्यरत मजदूर कुलदीप एवं फुलेश्वर से जानकारी ली गई। मजदूरों ने चारों बच्चों को आंगनबाड़ी सहायिका द्वारा घर छोड़ने के लिए ले जाते हुए देखे जाने की पुष्टि की।
प्रकरण की जांच में यह भी सामने आया कि आंगनबाड़ी केन्द्र के समीप निर्माणाधीन छात्रावास के पीछे लगभग 6 से 7 फीट गहरा गड्ढा था, जिसमें लगातार बारिश के कारण पानी भर गया था। घटना के संबंध में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का भी अवलोकन किया गया है। उपलब्ध तथ्यों एवं फुटेज के आधार पर आंगनबाड़ी सहायिका द्वारा बच्चों को घर छोड़ने के बाद उन्हें वापस आंगनबाड़ी केन्द्र ले जाने या घटना स्थल पर छोड़ने की बात सामने नहीं आई है।
प्रारंभिक जांच में आंगनबाड़ी सहायिका की लापरवाही के कारण बच्ची की मृत्यु होने की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के संबंध में आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की जा रही है।








