
राखी।
राखी सावंत की बात नहीं हो रही….. 28 अगस्त को आने वाले पवित्र त्यौहार राखी की बात कर रहा हूं। जिससे जुड़े हैं स्नेह और गरिमा के धागे। जिससे जुड़े हैं विष्वास और समर्पण के धागे। सदियो से मनाया जाने वाला त्यौहार राखी एक बहन का भाई के प्रति विष्वास और स्नेह दर्षाता है।
ये सर्वविदित अनुभव है कि अपने किसी भी रिष्ते से बढ़कर विष्वास महिला अपने भाई पर करती है। यहां तक कि पति से भी अधिक। किसी महिला को अपने लक्ष्य प्राप्ति और अपने जीवन की सुरक्षा के लिये जो सबसे बड़ा सहयोगी दिखता है वो भाई है।
माता सीता जब अषोक वाटिका में थीं तो रावण उन्हें धमकाने आया था। ऐसे में उन्होंने एक तिनके को उठाकर उसके और अपने बीच रख लिया।
अब ये कहा जा सकता है कि एक तिनके पर उन्होंने इतना भरोसा क्यों किया। तो इसका जवाब है कि तिनका उनका भाई था। तिनका भूमि से उत्पन्न होता है उसे भूमज कहते हैं और माता सीता भी भूमि से पैदा हुई हैं उन्हें भूमिजा कहा जाता है इस तरह तिनका उनका भाई था जिस पर उन्हें विष्वास था।
अद्भुत है योगीजी और उनकी बहन का प्रेम

अद्भुत है उत्तरप्रदेष के तपस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी बहन का प्रेम। जिसमें संवेदनाएं तो हैं लेकिन स्वार्थ नहीं। सर्वविदित है कि योगी आदित्यनाथ की बहन एक मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकान लगाती हैं और वहंा पर चाय-नाष्ता भी मिलता है।
सारे विष्व मंे जो भी इस बात से अवगत होगा दांतों तले उंगलियां दबा लेगा कि इतने बड़े प्रदेष के मुख्यमंत्री की बहन इतना छोटा काम कर अपना घर चलाती है। कई बार मीडिया में ये खबरें आईं। एक बार तो योगीजी से जब उनकी बहन के बारे पूछा गया और उन्हें उनकी बहन का वीडियो दिखाया गया तो उनकी स्नेह से उनकी आंखें भर आईं।
सचमुच ताज्जुब की बात है कई दषकों से देष के सांसद रहे योगीजी की बहन निस्संकोच इतना सादा जीवन जीती है वो भी बिना किसी षिकायत के। न कभी षिकायत की और न कभी कोई आस की। उन्होंने कभी भी अपने भाई पर बहन के लिये कुछ नाजायज करने का आरोप नहीं लगने दिया। धन्य है ये परिवार।
तारक मेहता में दिखाया
भाई का विलक्षण प्रेम

देष का शायद सबसे लोकप्रिय सीरियल तारक मेहता का उल्टा चष्मा में प्रमुख किरदार जया बेन और उसके लगभग डिफाल्टर भाई सुंदर का स्नेह बहुत सुंदर तरीके से दिखाया गया है। हर बार सुंदर अपने जीजा जेठालाल को चूना लगाता है और कई बार जयाबेन उसे अनदेखा करती है। यहां तक कि जेठालाल कभी सुंदर के खिलाफ कुछ कहता भी हैं तो जयाबेन को अच्छा नहीं लगता और अपने भुनभुनाने के अंदाज में वो विरोध भी प्रकट करती है।
एक बार जेठालाल सुंदर पर मोबाईल चोरी का अरोप लगाता है तो जयाबेन कहती है कि आरोप झूठा है और अगर आरोप सही निकला तो मैं अपने भाई सुंदर से नाता तोड़ लंूगी लेकिन अगर आरोप झूठा हुआ तो अपने पति जेठालाल से संबंध तोड़ लूंगी। ये बहुत बड़ी कसम थी।
जैसे ही भाई सुंदर को पता चलता है, वो अपनी बहन का घर टूटने से बचाने के लिये जानबूझकर अपने बैग मे मोबाईल रख देता है ताकि उसकी बहन का घर टूटने से बच जाए। चाहे वो खुद ही चोर क्यों न साबित हो जाए।
हालांकि ये एक कहानी है वास्तव में ऐसे उदाहरण विरले मिलते हैं आध्ुानिक कलयुग में तो इंसान पत्नी का ऐसा भक्त बना रहता है कि मां-बाप, बहन का रिष्ता उसके लिये कोई महत्व नहीं रखता।
लेकिन राखी के इस पावन पर्व पर ऐसे भाईयों की कमी नहीं जो बहन के लिये अपना सबकुछ लुटाने को तैयार रहते हैं।

जवाहर नागदेव
पत्रकार वरिठ लेखक चिन्तक विष्लेक
मोबा 9522170700






