
जनता द्वारा नकारने से और आप नेताओं के द्वारा अब ज्यादा महत्व न मिलने से क्षुब्ध केजरीवाल ने तरबूज को बड़ा काम कर लिया।
दिल्ली वाले झण्डू भैया दोस्त बण्डू के साथ बाजार पहुंचे।
दोनांे दोस्तों ने केजरीवाल से पूछा ‘मीठा है न’?
‘चीनी से मीठा होगा… केजरीवाल जी बोले चीनी से मीठा होगा… ’
वाकई… ? दोनांे चौंके, चीनी से मीठा होगा ?
अरविंद ने कहा ‘हां भाई, चीनी से मीठा होगा’
दोनों ने खुशी-खुशी दो तरबूज ले लिये।
कुछ समय के बाद वापस आए और शिकायत की
‘ये तो फीका है आपने तो कहा था चीनी से मीठा होगा… ! परन्तु ये तो फीका है….
केजरीवाल ने जवाब दिया ‘हां तो, चीनी से मीठा होगा न, चीनी डाली थी ? चीनी डाल के देखिये न मीठा न हो तो बोलना, मैने पहले भी कहा था चीनी से मीेठा होगा, अभी भी दावे पर कायम हूं चीनी से मीठा होगा…..
अब दिल्ली वाले समझ गये कि सत्ता गयी, शीशमहल गया, दम्भ गया मगर फितरत नहीं गयी।
राहुल के भूकम्प की चेतावनी से विचलित पवार
बात करें राहुल गांधी की…. झण्डू के अनुसार इस नेता ने कहा था एक बार कि ‘मै जब संसद मे बोलूंगा तो भूकम्प आ जाएगा’।
बण्डू बोले ‘हा… हा…. हा…. हा… हां मुझे अच्छी तरह याद है, उनके इस बयान पर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने चुटकी ली थी कि संसद के सदस्य डरे हुए और चिन्तित थे कि भूकम्प के बाद वे संसद भवन से बाहर कैसे निकलेंगे।
और आगे पवार ने कहा कि चूंकि कोई भूकम्प नहीं आया तो अब हम शांति से सो सकते हैं’।
हा… हा… हा… हा…।

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जवाहर नागदेव वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक, विश्लेषक,
मोबा. 9522170700









