Ro no D15139/23

आधुनिक मॉल की तर्ज पर पुरानी मंडी में खुलेगा साथी बाजार

स्थानीय उत्पादों और कारोबारियों के साथ राष्ट्रीय कंपनियां भी आएंगी

कलेक्टर ने नैफेड, नाबार्ड सहित कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

धमतरी । आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के विजन को धमतरी जिले में भी जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। धमतरी शहर के बीचों-बीच स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में आधुनिक मॉल की तर्ज पर साथी बाजार शुरू किया जाएगा। राज्य एवं केन्द्र सरकार की परियोजना के माध्यम से बनने वाले इस बाजार में बड़े आधुनिक मॉल जैसी सुविधाएं होंगी। इस बाजार की खसियत यह होगी कि यहां 50 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों और कारोबारियों को स्थान दिया जाएगा। वहीं 50 प्रतिशत राष्ट्रीय कंपनियां भी रहेंगी। साथी बाजार के संचालन के लिए जिले में किसानों के उत्पादक कंपनी बनाई जाएगी। आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इस बाजार की स्थापना के लिए नैफेड, नाबार्ड सहित साथी बाजार परियोजना के नोडल अधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के महाप्रबंधक सहित कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक और मछलीपालन, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने इस बैठक में साथी बाजार के लिए जिले में 10 हजार महिलाओं की किसान उत्पादक कंपनी बनाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने साथी बाजार की स्थापना के लिए स्थानीय स्तर पर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों, कैट के प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापारिक संगठनों की भी मदद लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथी बाजार में स्थानीय उत्पादों के साथ मॉडर्न रिटेल आउटलेक, फुड कोर्ट, इंटरटेनमेंट जोन, एग्री मॉल, कृषि सहायता केन्द्र, संजीवनी केन्द्र, प्याज संग्रहण केन्द्र, मिनी थियेटर सहित पांच हजार मीट्रिक टन का कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित होगा। साथी बाजार में कम कमीशन पर उत्पादों की बिक्री होगी, जिससे क्रेता और विक्रता दोनों को फायदा होगा। फसलों के भण्डारण की सुविधा मिलने से कटाई के बाद किसानों को होने वाला नुकसान भी कम होगा। उत्पादन से विक्रय तक किसानों की सहभागिता सुनिश्चित होने से उनकी आय में वृद्धि होगी। अन्य राज्यों के साथी बाजारों से भी धमतरी के बाजार को जोड़ा जाएगा। धमतरी के किसान उत्पादक समूह देश के किसी भी बजार में अपना उत्पाद रखकर बेचने को स्वतंत्र होंगे, ऐसे में किसी फसल के कम उत्पादन होने से उसके दाम में होने वाली बढ़ोत्तरी या अधिक उत्पादन होने से दाम में होने वाली कमी जैसी समस्या से निजात मिलेगी। इस बाजार से किसानों को ग्राम स्तर पर रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

  • Related Posts

    जिले में अभिनव पहल से ग्राम पंचायतों में ही हो रहा राजस्व प्रकरणों का त्वरित निपटारा

      – कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सांकरा का किया आकस्मिक निरीक्षण *- पिछले 6 माह में 1500 से अधिक राजस्व प्रकरणों का किया गया निराकरण* *- ग्राम पंचायत स्तर पर…

    Read more

    केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने जिले में जल संरक्षण अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का किया अवलोकन

      – केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री ने जिले में जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर सुधार और सतत जल प्रबंधन हेतु किए जा रहे अभिनव कार्यों की सराहना की राजनांदगांव 29…

    Read more

    NATIONAL

    अधिकारी बड़े चालू-गये मंत्री तो पनीर की जगह आलू; विपक्ष की हालत खस्ता-पैट्रोल सस्ता; एपीकेफाईल से बचें,पादरी की चतुराई-कोर्ट में काम न आई,वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    अधिकारी बड़े चालू-गये मंत्री तो पनीर की जगह आलू; विपक्ष की हालत खस्ता-पैट्रोल सस्ता; एपीकेफाईल से बचें,पादरी की चतुराई-कोर्ट में काम न आई,वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    नेपाल: बालेन शाह के PM बनते ही बड़ा एक्शन, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

    नेपाल: बालेन शाह के PM बनते ही बड़ा एक्शन, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

    न्यूक्लियर साइटों पर इजरायली हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी, कहा- चुकानी होगी भारी कीमत

    न्यूक्लियर साइटों पर इजरायली हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी, कहा- चुकानी होगी भारी कीमत

    इंडियन एयरलाइंस का फैसला, समर शेड्यूल में 3000 वीकली उड़ानें कैंसिल

    इंडियन एयरलाइंस का फैसला, समर शेड्यूल में 3000 वीकली उड़ानें कैंसिल

    ईयू का दावा: रूस की मदद से ईरान कर रहा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर हमले

    ईयू का दावा: रूस की मदद से ईरान कर रहा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर हमले

    खुदा दे खाने को तो कौन जाए कमाने को, मुफ्त की सौगात पर सुप्रीम कोर्ट की चिन्ता वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.….खरी….

    खुदा दे खाने को तो कौन जाए कमाने को, मुफ्त की सौगात पर सुप्रीम कोर्ट की चिन्ता वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.….खरी….