
भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरूआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस में तीन तरह के घोड़े हैं। एक रेस के यानि काम के जिन्हें चुनाव लड़वाया जाएगा, दूसरे बारात के जिन्हें संगठन का काम दिया जाएगा और तीसरे लंगड़े घोड़े जिन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
वास्तविकता तो ये है कि रेस के घोड़े तो उन्होंने एक-एक कर पहले ही बाहर कर दिये हैं। अब तो जो बचे हैं वे अधिकांश बारात में नाचने वाले हैं या फिर उनकी ही परिभाषा में लंगड़े हैं।
दूसरी बात ये कौन तय करेगा कि बाराती कौन और लंगड़ा कौन ? जो प्रिय होता है उसकी बारात तो अच्छी लगती ही है, लंगड़ापन भी नहीं दिखता। और जो व्यक्तिगत सेवा अच्छी करता है वो उतना ही प्रिय होता है।
नरेंदर…. सरेण्डर….
यानि टप्पे वाली गेंद पर कैच
क्रिकेट मे बेटसमैन की बैट से निकली गेंद जब जमीन पर टप्पा खा लेती है तो बल्लेबाज कैच आउट होने के डर से सुरक्षित हो जाता है। क्योंकि टप्पा खाने वाले कैच को आउट नहीं माना जाता।
लेकिन हमारे राहुल भैया टप्पा खाकर उछली गेंद को पकड़ लेते हैं और खुशी के ढोल बजने शुरू हो जाते हैं। पता तब चलता है जब एम्पायर जनता बल्लेबाज को नाट आउट करार देती है। इस बीच सारे कांग्रेसी जान-समझ कर भी रह जाते हैं मौन, क्योंकि सच बोलने का खतरा ले कौन ?
सच बोलने की छूट तो कहीं कांग्रेस में है ही नहीं। कमोबेश किसी पार्टी में नहीं होती है।
नरेंदर….. सरेण्डर….. के डायलाॅग पर उपस्थितजनों ने जरूर ताली पीटी मगर सबको पता है इससे राहुल के नंबर घटे ही हैं। ये टप्पा खाई बाॅल पर कैच जैसा है।
जान लें कि नरेंदर सरेण्डर के डायलाॅग से राहुल गांधी ये कहना चाह रहे हैं कि पाकिस्तान पर अटैक के समय अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मोदीजी को फोन की तो मोदीजी ने सरेण्डर कर दिया।
बच्चा भी जानता है कि ये बात पूरी तरह गलत है। असीमित बहादुरी के साथ देश ने पाक को ऐसा घेरे में लिया कि पाक गिड़गिड़ाने लगा।
सलमान, थरूर, तिवारी
कांग्रेस के उत्तराधिकारी
एक ओर राहुल गांधी पाकिस्तानी आतंकियों पर अटैक को संदेह के घेरे में लाने का प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर राहुल की रेस के बढ़िया घोड़े यानि कांग्रेस के उत्तराधिकारी सलमान खुर्शीद, शशि थरूर और मनीष तिवारी राहुल के टाॅरगेट यानि मोदीजी की तारीफ के कसीदे कस रहे हैं। सारे विश्व में उन्हों ने सरकार के उस कदम को मैरिट माक्र्स दिये हैं, जिनके लिये राहुल सरकार को कोस रहे हैं।
यानि सारा विश्व पाक से लड़ाई पर बिना संदेह भारत के यूं कहा जाए कि भाजपा की केन्द्र सरकार के पक्ष में खड़ा है। कम से कम इस मामले में तो ऐसा ही है।

जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’
——————————–








