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परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 में रायगढ़ जिला बना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला

*तीसरी, छठवीं और नवमीं सभी कक्षाओं में राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम*

*ग्रामीण छात्रों और बालिकाओं ने दिखाया श्रेष्ठ प्रदर्शन*

रायपुर, 13 जुलाई 2025। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा हर चार वर्ष में आयोजित होने वाले परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 में रायगढ़ जिले ने राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उत्कृष्टता साबित की है। दिसंबर 2024 में आयोजित इस सर्वेक्षण में रायगढ़ जिले के 91 स्कूलों के 325 शिक्षक और 2728 विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिले के छात्रों ने कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमीं तीनों स्तरों पर सभी विषयों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले को ‘उदित’ श्रेणी में शामिल कराया है।

इस सर्वेक्षण में शासकीय, मान्यता प्राप्त अशासकीय तथा अनुदान प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से आंका गया। रायगढ़ जिले में यह अभियान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी और सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिसका परिणाम सभी स्तरों पर अत्यंत सराहनीय रहा।

कक्षा तीसरी में भाषा विषय में रायगढ़ का औसत 70 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 64 प्रतिशत और राज्य औसत 59 प्रतिशत से कहीं अधिक है। गणित में भी रायगढ़ ने 68 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि राष्ट्रीय औसत 60 और राज्य औसत 57 प्रतिशत रहा। कक्षा छठवीं में भाषा में 64 प्रतिशत, गणित में 56 प्रतिशत और ‘आस-पास की दुनिया’ विषय में 59 प्रतिशत के साथ रायगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं कक्षा नवमीं में भाषा विषय में 60 प्रतिशत, गणित में 39 प्रतिशत, विज्ञान में 43 प्रतिशत और सामाजिक विज्ञान में भी 43 प्रतिशत के साथ जिले ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम दर्ज किए।

इन आंकड़ों के आधार पर रायगढ़ को परख सर्वेक्षण की चार स्तरीय श्रेणी में ‘उदित वर्ग में स्थान मिला है। यह श्रेणी केवल उन जिलों को प्रदान की जाती है, जिन्होंने तीनों कक्षाओं में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया हो। रायगढ़ के साथ तीसरी कक्षा में बालोद, बलरामपुर, बीजापुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा, छठवीं में बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर और सरगुजा तथा नवमीं में बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, धमतरी और दुर्ग जिले भी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं।

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह भी सामने आया है कि रायगढ़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का परिणाम शहरी क्षेत्रों से बेहतर रहा। इसके अलावा, बालिकाओं का प्रदर्शन भी बालकों की तुलना में तीनों कक्षाओं में अधिक बेहतर रहा है, जो जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत है।

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