Ro no D15139/23

महानदी किनारे 14 किलोमीटर में 4000 नारियल पौधों का रोपण : पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल

नगरी क्षेत्र का भौगोलिक व जलवायु परिस्थितियां नारियल वृक्ष के लिए उपयुक्त
नारियल की खेती से किसानों को दीर्घकालिक आमदनी का एक नया विकल्प मिलेगा : कलेक्टर मिश्रा
महानदी के तटीय क्षेत्र में हरित पट्टी के विकास से पारिस्थितिकी तंत्र : सुदृढ़ होगा और स्थानीय समुदायों की आजीविका के नए द्वार खुलेंगे


धमतरी । छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी अब केवल एक नदी नहीं रही, बल्कि जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक सशक्त प्रतीक बनकर उभर रही है। इसी क्रम में “महानदी जागरूकता अभियान” (MAA–Mahanadi Awakening Abhiyan) के अंतर्गत आज फरसियां से गणेशघाट तक 14 किलोमीटर लंबी पट्टी में लगभग 4000 नारियल के पौधों का वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा द्वारा नारियल पौधा रोपण कर किया गया। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री जाधव श्रीकृष्णा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोमा श्रीवास्तव, श्री प्रकाश बैस, क्षेत्र के सरपंचगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से नारियल के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सहभागिता दर्ज कराई।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि नगरी क्षेत्र का भौगोलिक व जलवायु परिस्थितियां नारियल वृक्ष के लिए उपयुक्त पाई गई हैं। कृषि विज्ञान केंद्र एवं अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के माध्यम से परीक्षण कर इसकी पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि नारियल की खेती से किसानों को दीर्घकालिक आमदनी का एक नया विकल्प मिलेगा। किसान अपने खेतों, मेड़ों और घर के आसपास नारियल के पौधे लगाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं।
उन्होंने कहा गांव सेमरा में नारियल की नर्सरी की स्थापना की जा रही है, जिससे भविष्य में गुणवत्तापूर्ण पौधों की सतत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं, नगरी से गरियाबंद को जोड़ने वाले मार्ग नाला निर्माण के लिए भी टेंडर जारी हो गया। जल्द ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा है। इससे नगरी और गरियाबंद जिले की दूरी कम होगी तथा व्यापार और रोजगार में बढ़ोतरी होगी । इस अवसर पर उन्होंने मछुआ समिति को मछली जाल वितरित किए। साथ ही नारियल के पौधों का भी वितरण किया।
गणेशघाट क्षेत्र, श्रृंगीऋषि पहाड़ और आश्रम क्षेत्र में पेंटिंग जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के पास यह वृक्षारोपण पर्यटन को भी नया आयाम देगा। इसके अतिरिक्त, आजीविका संवर्धन हेतु महिला समूहों के माध्यम से बांस उत्पादन, कोशा निर्माण और अन्य लघु उद्यमों के प्रोजेक्ट्स को जल्द ही जमीन पर उतारने की योजना बनाई गई है।
इस 12 किलोमीटर तटीय क्षेत्र महानदी सफाई का कार्य वृक्षारोपण महाअभियान में हर्बल फाउंडेशन और मेघा फाउंडेशन का भी सहयोग प्राप्त हुआ। नदी किनारे 12 किलोमीटर क्षेत्र की सफाई का कार्य महज 600 घंटों में पूरा किया गया, जो स्थानीय समुदाय की प्रतिबद्धता और मेहनत का परिचायक है।
यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि महानदी के तटीय क्षेत्र में हरित पट्टी के विकास से पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem)ः सुदृढ़ होगा और स्थानीय समुदायों की आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। शासन का उद्देश्य आने वाले समय में इस अभियान को और भी व्यापक स्तर पर विस्तार देना है, जिससे महानदी सदैव स्वच्छ, समृद्ध और संजीवनी बनी रहे।

  • Related Posts

    जनगणना-2027 का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न

    जशपुर जिले के नागरिकों के सहयोग से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य हुआ पूर्ण फरवरी 2027 में होगा जनसंख्या गणना का दूसरा चरण कलेक्टर श्री व्यास ने जिलेवासियों…

    Read more

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त कर रही : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    *बेमेतरा में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद*   *विधायक श्री दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह में शामिल होकर प्रस्तुत की प्रेरणादायी मिसाल, बैलगाड़ी में…

    Read more

    NATIONAL

    डीआरआई ने बिहार में लगभग 105 किलोग्राम गांजा जब्त किया; दो गिरफ्तार

    डीआरआई ने बिहार में लगभग 105 किलोग्राम गांजा जब्त किया; दो गिरफ्तार

    धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’

    धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में अपने संबोधन की प्रमुख बातें साझा कीं

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में अपने संबोधन की प्रमुख बातें साझा कीं

    ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

    ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

    लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    दस की झालमुड़ी-एक की मेलोडी-विपक्ष का सूपड़ा साफ, कमाई का जरिया रिश्वतखोर, पैदा होेते हैं बाप-बच्चे नहीं,केजरीवाल का क्रंदन,

    दस की झालमुड़ी-एक की मेलोडी-विपक्ष का सूपड़ा साफ, कमाई का जरिया रिश्वतखोर, पैदा होेते हैं बाप-बच्चे नहीं,केजरीवाल का क्रंदन,