Ro no D15139/23

एग्रीस्टेक पोर्टल में कृषक जोड़ो अभियान के तहत कृषकों का किया जा रहा पंजीयन

कृषक पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त
– घर-घर जाकर पंजीयन के लिए छूटे हुए कृषकों को किया जा रहा जागरूक
राजनांदगांव 23 जुलाई 2025। जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत किसानों का पंजीयन कराया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री अंतर्गत किसानों को अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में किसानों के पंजीयन के लिए कृषक जोड़ो अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग को सक्रियता के साथ कृषक पंजीयन कराने के लिए निर्देश दिए। एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत कृषक पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 है। कृषि विभाग द्वारा जिले में पंजीकृत 127107 कृषकों में से 104684 कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल फार्मर रजिस्ट्री कराया जा चुका है। शेष 22423 कृषकों का 14 अगस्त 2024 तक शिविरों के माध्यम से पंजीयन कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा घर-घर जाकर पंजीयन के लिए छूटे हुए कृषकों का चिन्हांकन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत एवं सहकारी समिति में शिविर का आयोजन कर चिन्हांकित कृषकों का पंजीयन कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत के माध्यम से कृषकों को पंजीयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत कृषक पंजीयन के लिए कृषक जोड़ो अभियान के तहत लगातार कृषकों का पंजीयन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छूटे हुए किसानों का पंजीयन कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण किया जा रहा है और पाम्प्लेट, पोस्टर के माध्यम से भी जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग की टीम ग्राम लालूटोला, नवागांव, रीवागहन, टाकुरटोला, भेजराटोला, किरगी ब सहित विभिन्न ग्रामों में लगातार दौरा कर रही है और कृषकों की समस्या का समाधान कर रही है। किसानों के पंजीयन के संबंध में आने वाली तकनीकी एवं अन्य समस्याओं से अवगत करा रहे है।
उल्लेखनीय है कि एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत वेबसाईट www.cgfr.agristack.gov.in एवं मोबाईल एप्लीकेशन Farmer Registry Cg के माध्यम से किसान अपना पंजीयन स्वयं कर सकते है। पंजीयन करने के लिए स्मार्ट फोन या कम्प्यूटर सेट, आधार नंबर लिंक मोबाईल, आधार कार्ड, भूमि का खसरा बी-1 की आवश्यकता होगी।

  • Related Posts

    राजनांदगांव भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा 4 मंडलों की पदाधिकारियों की सूची जारी

    राजनांदगांव (IMNB NEWS AGENCY )- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा जिला भाजपा अध्यक्ष…

    Read more

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून को जिले के प्रवास पर

    राजनांदगांव 14 जून 2026। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून 2026 को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून को सुबह 11.20 बजे…

    Read more

    NATIONAL

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे. फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे.  फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC