
चौकी रघुनाथपुर पुलिस के अनुसार, 6 मार्च 2024 को ग्राम सिलसिला के पास एक जीप वाहन तेज और लापरवाहीपूर्वक चलाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वाहन में सवार आरोपी विल्सन तिग्गा और ललित एक्का मौके से भागने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें वहां मौजूद प्रार्थी और गवाहों ने रोक लिया। वाहन की तलाशी में बोरी के अंदर 9 प्लास्टिक थैलों में करीब 11 किलो गौ-मांस, लोहे का गणासा, लकड़ी का बैत लगा लोहे की टांगी बरामद की गई।
आगे की विवेचना में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह गौ-मांस ग्राम जजगा (थाना सीतापुर) निवासी विरेन्द्र उर्फ विजेन्द्र से लेकर अम्बिकापुर ले जाया जा रहा था। घटना के दौरान वाहन की तेज गति के कारण यह दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पुलिस ने आरोपियों का गवाहों के समक्ष मेमो कथन लिया और उनके निशानदेही पर वाहन व गौ-मांस को जप्त किया। बरामद मांस का पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण कराया गया, जिसमें यह Bovine प्रजाति का पाया गया।
पुलिस कार्यवाही और न्यायालयीन प्रक्रिया पुलिस ने बरामद मांस के नमूने को Meat Species Identification Laboratory (MSIL), हैदराबाद परीक्षण हेतु भेजा। जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक, सरगुजा ने वाहन राजसात करने का प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपियों विल्सन तिग्गा, ललित एक्का, विरेन्द्र तिर्की और इलियस बड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर केंद्रीय जेल अम्बिकापुर भेजा गया।
वाहन स्वामी की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में यह दलील दी कि उनका वाहन अपराध में संलिप्त नहीं था और झूठे आरोपों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस प्रतिवेदन पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध मानते हुए वाहन को राजसात करने का आदेश दिया।
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 5, 10 के तहत यदि किसी वाहन का उपयोग अवैध गौ-मांस परिवहन में किया जाता है तो जिला मजिस्ट्रेट ऐसे वाहन को अधिहरण कर सकता है। इसी प्रावधान के अंतर्गत जीप वाहन क्रमांक CG15 JD 0616 को अधिहरण/राजसात करने की कार्यवाही की गई।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन से सहमति जताते हुए और सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए जीप वाहन क्रमांक CG15 JD 0616 को राजसात करने का आदेश जारी किया।









