

अपने इस विशेष प्रवास के दौरान वे आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और खानपान से परिचित होंगे। साथ ही, वे जीके साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर का दौरा करेंगे, जो विशेष बच्चों के उपचार और पुनर्वास के लिए कार्यरत है। डॉ. मांकड़ का आगमन जिले के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। फिल्म और मीडिया जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
वे टूनपुर का सुपरहीरो, ‘आईसी-एन-स्पाइसी’ जैसी फिल्मों के स्क्रिप्ट और संवाद लेखक रह चुके हैं। अपने यूट्यूब चैनल ‘पॉपकॉर्न फ्लिक्स’ के माध्यम से वे जीवन में सकारात्मक सोच और प्रेरणा फैलाने का कार्य करते हैं।
जीके सेंटर की निदेशक डॉ. ग्रेस कुजूर ने जानकारी दी कि डॉ. मांकड़ विशेष रूप से यहां के विशेष बच्चों से मिलेंगे और उनके जीवन के अनुभवों और संघर्षों को समझने का प्रयास करेंगे।

योगदान के लिए कई सम्मानों से सम्मानित: डॉ. मांकड़ को उनके रचनात्मक योगदान के लिए कई राष्ट्रीय सम्मान मिले हैं, जिनमें 2013 में मिला राजीव गांधी ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड प्रमुख है।
पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भी उनके काम की सराहना की थी। डॉ. मांकड़ ने डॉक्टर कलाम पर रामेश्वरम टू राष्ट्रपति भवन नामक पुस्तक भी लिखी है।
“मोटू पतलू” और “शेख चिल्ली” के लिए प्राख्यात डॉ. मांकड़ को विशेष रूप से बच्चों के बीच लोकप्रिय कार्टून सीरीज “मोटू पतलू” के लिए जाना जाता है। हाल ही में उनकी नई सीरीज “शेख चिल्ली”15 अगस्त से डिस्कवरी किड्स चैनल पर प्रसारित हो रही है। उन्होंने अब तक 22,000 कॉमिक स्ट्रिप्स और कहानियां लिखी हैं। वे लोटपोट मैगजीन के क्रिएटिव डायरेक्टर और मायापुरी फिल्म मैगजीन के एडिटोरियल डायरेक्टर भी रह चुके है।







