
इस अवसर पर संबंधित ग्रामों के जनप्रतिनिधि, सरपंच , पंच,महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएँ, युवा प्रतिनिधि, कृषक बंधु तथा ग्राम के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्र के दौरान क्डज् टीम ने ग्रामवासियों को बताया कि मॉडल विलेज केवल एक संकल्पना न होकर, ग्राम की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उन्नति का आधार है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पोषण, जल-प्रबंधन, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि ग्राम कार्ययोजना ग्राम की वास्तविक आवश्यकताओं एवं उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। इसमें ग्रामीणों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि योजना जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और टिकाऊ हो सके। प्रशिक्षण में ग्रामीणों को समूह चर्चा, मानचित्रण, संसाधन सूचीकरण, प्राथमिकता निर्धारण एवं सामूहिक निर्णय प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
क्डज् टीम ने ग्रामीणों को यह अनुभव कराने पर जोर दिया कि यदि सभी लोग मिलकर योजना बनाएँ और उसका ईमानदारी से क्रियान्वयन करें तो उनका गाँव एक मॉडल गाँव के रूप में उभर सकता है। प्रशिक्षण में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँचाना ही ग्राम विकास का मूल मंत्र है।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार साझा किए। महिलाओं एवं युवाओं ने विशेष रुचि दिखाते हुए आजीविका संवर्धन तथा कौशल विकास से संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। साथ ही, कृषि सुधार, जल संरक्षण एवं शिक्षा को भी ग्राम कार्ययोजना में प्रमुखता से शामिल करने का निर्णय लिया गया।









