
नई दिल्ली । डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की साउथ कोरिया में हुई बैठक में बड़े फैसले लिए गए हैं. इसमें टैरिफ के मुद्दे पर बात बनी, तो वहीं ट्रंप के लिए सिरदर्द बनी सोयाबीन की खरीद भी फिर से शुरू होने पर सहमति बनी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसके बारे में बताते हुए कहा कि चीन पर टैरिफ को 10 फीसदी कम करते हुए 57% से 47% किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति के साथ बैठक शानदार रही है और इसमें कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इस दौरान सोयाबीन पर भी चर्चा हुई और ट्रंप के मुताबिक चीन द्वारा सोयाबीन की खरीद तुरंत शुरू की जाएगी.
अमेरिका-चीन संबंधों की नई शुरुआत
साउथ कोरिया के बुसान शहर में डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच करीब दो घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे बातचीत हुई. ट्रम्प ने गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आर्थिक और व्यापारिक समझौतों को लेकर बड़ा ऐलान किया. इसमें उन्होंने चीन पर लागू टैरिफ में 10% की कटौती किए जाने की जानकारी दी. तो वहीं दूसरी ओर कई अन्य विवादित मुद्दों पर सहमति की बात कहते हुए इस बैठक अद्भुत करार दिया. उन्होंने कहा कि ये अमेरिका-चीन संबंधों में एक शानदार नई शुरुआत है.
‘अमेरिका में चीनी निर्यात में कोई बाधा नहीं…’
रेयर अर्थ मिनरल्स, चिप समेत अन्य ऐसे मुद्दे, जो बीते कुछ समय से अमेरिका और चीन के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह बने थे, उन्हें भी सुलझाने का दावा ट्रंप की ओर से किया गया है.चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक में बनी सहमतियों के बारे में बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि अब कोई भी रुकावट अमेरिका में चीनी निर्यात के प्रवाह में नहीं आएगी.
चिप से रेयर अर्थ मिनरल्स तक बनी बात
डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस बात पर सहमति बनी है कि चीन फेंटेनाइल को रोकने के लिए कड़ी मेहनत करेगा. उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर चर्चा हुई, चिप्स के मुद्दे पर जिनपिंग NVIDIA और अन्य कंपनियों से चर्चा करेंगे.
‘सोयाबीन खरीदारी हमारे किसानों की जीत’
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन द्वारा अमेरिकी सोयाबीन की खरीद को तुरंत फिर से शुरू करने को लेकर कहा कि, ‘यह हमारे किसानों के लिए एक बहुत बड़ी जीत है. अब अमेरिका औऱ चीन के व्यापारिक संबंध बहुत अलग नजर आने वाले हैं.’ बता दें कि US Soyabean के लिए चीन सबसे बड़ा खरीदार रहा है. बीते साल अमेरिका ने करीब 24.5 अरब डॉलर मूल्य का सोयाबीन निर्यात किया था और इसमें से 12.5 अरब डॉलर मूल्य की सोयाबीन को अकेले चीन ने ही खरीदा था. हालांकि, टैरिफ टेंशन के चलते ड्रैगन ने इसकी खरीद रोककर अमेरिका को तगड़ा झटका दिया था.







