Ro no D15139/23

राज्योत्सव में कृषि विभाग का जीवंत प्रदर्शनी स्टॉल बना कृषकों के लिए आकर्षण का केंद्र

कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में शासन की नवाचार योजनाओं की दी गई जानकारी
अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में कृषि विभाग द्वारा लगाए गए विभागीय स्टॉल ने आम नागरिकों, कृषकों और विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को शासन की नवीनतम कृषि योजनाओं, अनुदानों और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
स्टॉल में सरगुजा संभाग की पारंपरिक और विशेष फसलों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। इनमें भुनी परास, रागी, काला जीरा, बिशुनभोग, जिराफूल और मूंगफली जैसी फसलों को प्रदर्शित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ये फसलें न केवल पौष्टिकता से भरपूर हैं, बल्कि इनका औषधीय और आर्थिक महत्व भी अत्यधिक है। प्रदेश सरकार द्वारा इन फसलों के संवर्धन एवं विपणन के लिए विशेष पहल की जा रही है, जिससे किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
कृषि विभाग के स्टॉल में किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजना, शाकम्बरी योजना, किसान क्रॉप योजना और अन्य प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ट्रैक्टर क्रय करने पर कुल लागत राशि का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। स्प्रे पंप की कुल लागत 13,00 रुपए में से कृषक को केवल 7,00 रुपए का अंशराशि मिलता है। शाकम्बरी योजना में 75 प्रतिशत अनुदान का लाभ किसानों को प्राप्त हो रहा है। वहीं किसान क्रॉप योजना में 23,500 की कुल लागत पर किसान का अंशराशि 8,500 रुपए दिया जा रहा है।
कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि शासन की मंशानुरूप कृषि विभाग का प्रमुख उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक और लाभकारी कृषि की दिशा में प्रेरित करना है। कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहयोग के माध्यम से किसानों को सशक्त किया जा रहा है।
स्टॉल में लगाए गए आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे स्प्रेपंप, ट्रैक्टर, मिनी ट्रैक्टर, मल्टी क्रॉप थ्रेशर आदि ने किसानों का विशेष ध्यान खींचा। किसानों ने इन यंत्रों की कार्यप्रणाली और लागत के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, फसल विविधिकरण, मिट्टी परीक्षण, जल संरक्षण एवं उर्वरक प्रबंधन के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
राज्योत्सव में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण महिला समूह, विद्यार्थी और आमजन स्टॉल का अवलोकन करने पहुंचे। कृषि विभाग के कर्मचारियों ने कृषकों को योजनाओं से संबंधित पुस्तिकाएं और जानकारीपत्र वितरित किए। किसानों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से उन्हें न केवल नई तकनीक से परिचय मिलता है, बल्कि योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होती है, जिससे वे अपने कृषि कार्य को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।
कृषि विभाग ने स्टॉल के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर और आधुनिक खेती के लिए आवश्यक संसाधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

  • Related Posts

    मिशन उत्कर्ष के तहत बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक कमजोर परीक्षा परिणाम, फर्जी पंजीयन और अनियमितताओं पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह शिक्षा का मंदिर है स्कूल, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    रायपुर, 10 जून 2026/ जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को और बेहतर बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने आज रेडक्रॉस भवन रायपुर में जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों…

    Read more

    जल जीवन मिशन के तहत 6 गांवों की 4 एजेंसियों का अनुबंध निरस्त ईएमडी राशि राजसात, भविष्य में एजेंसियों की निविदाओं में भाग लेने पर रोक

    रायपुर 10 जून 2026/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देष पर जल जीवन मिषन में दिए गए कार्यों को पूर्ण नहीं किए जाने पर 6 ग्रामों के अनुबंधों को निरस्त…

    Read more

    NATIONAL

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी