Ro no D15139/23

भारत में कोई ‘अहिंदू’ नहीं है सभी एक ही, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किस बात पर दिया जोर

बेंगलुरु ।कर्नाटक के बेंगलुरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दो दिवसीय व्याख्यानमाला के पहले दिन शनिवार को सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संघ को पूरे विश्व का सबसे अनोखा संगठन बताया है। उन्होंने कहा कि आज संघ भारत समेत कई देशों में समाजसेवी कार्य कर रहा है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि आरएसएस का लक्ष्य हिंदू समाज को सत्ता के लिए नहीं। बल्कि राष्ट्र के गौरव के लिए संगठित करना है और हिंदू भारत के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत में कोई ‘अहिंदू’ नहीं है, क्योंकि सभी एक ही पूर्वजों के वंशज हैं और देश की मूल संस्कृति हिंदू है।
क्या कहा संघ प्रमुख ने
‘संघ की 100 वर्ष की यात्रा: नए क्षितिज’ विषय पर व्याख्यान देते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जब संघ के रूप में एक संगठित शक्ति खड़ी होती है, तो उसे सत्ता की चाह नहीं होती। वह समाज में प्रमुखता नहीं चाहता। वह बस भारत माता की महिमा के लिए समाज की सेवा और संगठित करना चाहता है। हमारे देश में, लोगों को इस पर विश्वास करना बहुत मुश्किल लगता था, लेकिन अब वे विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि जब यह प्रश्न उठाया जाता है कि आरएसएस हिंदू समाज पर क्यों ध्यान केंद्रित करता है, तो इसका उत्तर यह है कि हिंदू ही भारत के लिए जिम्मेदार हैं।
भारत में वास्तव में कोई ‘अहिंदू’ नहीं
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि अंग्रेजों ने हमें राष्ट्रीयता दी। हम एक प्राचीन राष्ट्र हैं। दुनिया में हर जगह लोग इस बात पर सहमत हैं कि हर राष्ट्र की अपनी मूल संस्कृति होती है। वहां कई निवासी होती हैं, लेकिन एक मूल संस्कृति होती है। भारत की मूल संस्कृति क्या है? हम जो भी वर्णन करते हैं, वह हमें हिंदू शब्द की ओर ले जाता है। भागवत ने कहा कि भारत में वास्तव में कोई ‘अहिंदू’ नहीं है, और सभी मुसलमान और ईसाई ‘एक ही पूर्वजों के वंशज हैं।’ उन्होंने कहा कि शायद उन्हें यह बात पता नहीं है, या उन्होंने यह बात भुला दी है।
हिंदू होने का मतलब भारत के लिए जिम्मेदार होना
उन्होंने कहा कि जानबूझकर या अनजाने में, हर कोई भारतीय संस्कृति का पालन करता है, इसलिए कोई भी अहिंदू नहीं है, और प्रत्येक हिंदू को यह समझना चाहिए कि वह हिंदू है, क्योंकि हिंदू होने का मतलब भारत के लिए जिम्मेदार होना है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हिंदू राष्ट्र है और सनातन धर्म की प्रगति भारत की प्रगति है।’ भागवत ने कहा कि आरएसएस के लिए रास्ता आसान नहीं रहा है और संगठन को लगभग 60-70 वर्षों तक कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिसमें दो प्रतिबंध और स्वयंसेवकों पर हिंसक हमले शामिल हैं।

  • Related Posts

    नगर निगम, दिखावे की दहाड़-सामने मनमानी का पहाड़, आनलाईन टैक्स भी ढकोसला, हा…हा…हम नहीं सुधरेंगे; अफसरांे की छुपा-छुपाई, आयुक्त को अंगूठा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी….

      आयुक्त नगर निगम रायपुर ने मोर रायपुर एप को जनता के साथ एक बेशर्म मजाक बना देने के मामले में एक आम बयान दिया। आप समझ ही गये होंगे…

    Read more

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन *महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से…

    Read more

    NATIONAL

    Plug-in Hybrid वेरिएंट के साथ आएगी नई Mercedes-Benz S-Class, मिलेगी 117KM तक की इलेक्ट्रिक रेंज

    Plug-in Hybrid वेरिएंट के साथ आएगी नई Mercedes-Benz S-Class, मिलेगी 117KM तक की इलेक्ट्रिक रेंज

    ट्रंप ने फिर ईरान को धमकाया, बोले- अपना यूरेनियम अमेरिका को दो या नष्ट करो, तभी बनेगी बात, वरना डील नहीं

    ट्रंप ने फिर ईरान को धमकाया, बोले- अपना यूरेनियम अमेरिका को दो या नष्ट करो, तभी बनेगी बात, वरना डील नहीं

    यूपी में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर पलटी डबल डेकर AC बस, बिहार के दारोगा-कैदी समेत 6 की मौत

    यूपी में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर पलटी डबल डेकर AC बस, बिहार के दारोगा-कैदी समेत 6 की मौत

    तृणमूल में संगठनात्मक फेरबदल, पूर्व मंत्री मदन मित्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    तृणमूल में संगठनात्मक फेरबदल, पूर्व मंत्री मदन मित्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    संकट को अवसर में बदल सकता है भारत, पढ़ें अभिजीत मुखोपाध्याय का आलेख

    संकट को अवसर में बदल सकता है भारत, पढ़ें अभिजीत मुखोपाध्याय का आलेख

    पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप भारत को निशाना बनाते हैं, देखें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्या कहा

    पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप भारत को निशाना बनाते हैं, देखें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्या कहा