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आकांक्षी विकासखंड में मेगा कृषि ऋण शिविर, 71 करोड़ का ऋण वितरण, महिला समूहों को मिलेगा रोजगार का अवसर

अम्बिकापुर । जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित मेगा कृषि ऋण शिविर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित हुआ। शिविर में कुल 71 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया, जिसमें कृषि क्षेत्र, महिला स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्यमों को बड़ा सहयोग मिलेगा।
कृषि क्षेत्र के लिए 38 करोड़ – 943 समूहों को मिला लाभ
शिविर में 38 करोड़ रुपये कृषि से संबंधित गतिविधियों हेतु स्वीकृत किए गए। इसी क्रम में 943 महिला स्व-सहायता समूहों को 22 करोड़ रुपये की सहायता प्रथम, द्वितीय और तृतीय डोस में दी गई। यह राशि बीज, खाद, कृषि उपकरण, पशुपालन और अन्य कृषि-आधारित कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी। वहीं पीएमईजीपी योजना के तहत 33 करोड़ रुपये छोटे उद्योगों को स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें राइस मिल, हार्वेस्टर और अन्य ग्रामीण उद्योगों को इससे गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। शिविर में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अंतर्गत 4 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि के चेक प्रदान किए गए।
“लोन रोजगार के लिए है, सही उपयोग करें”-कलेक्टर विलास भोसकर
कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने ग्रामीण स्व सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि लोन लेकर किसी के बहकावे में न आएं। खेती के साथ-साथ बकरी पालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन जैसे बहुआयामी व्यवसाय अपनाकर आय में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि लोन रोजगार का मौका है, इसे जिम्मेदारी से उपयोग कर आजीविका बढ़ाएं और समय पर चुकाएं, पैसा डबल करने वाले चिटफंड कंपनियों के झांसे में न आए।
संगठित समूह, मजबूत आजीविका
जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह संगठित होकर बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह ऋण राशि जीवन स्तर सुधारने का मजबूत आधार है। उन्होंने महिलाओं को बैंकिंग प्रक्रियाओं, लोन उपयोग और बाजार से जुड़कर व्यवसाय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
बैंक अधिकारियों ने बताया आजीविका सुधार का मार्ग
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्टेट हेड श्री बी. रामकृष्ण नायक ने कहा कि यह शिविर ऋण प्राप्त करने, अपने खेत या संबद्ध उद्यम का आधुनिकीकरण करने, आय-बढ़ाने, जोखिम प्रबंधन और स्थायी आजिविका बनाने का महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रबंधक रणधीर सिंह, नाबार्ड डीडीएम अनुपम तिवारी, डीडीए पीताम्बर दीवान, डीआईसी डॉ. अंकुर गुप्ता, सीएमओ विद्या सागर चौधरी, डीपीएम सुभाष मिश्रा, एलडीएम दिपेंद्र यादव,जनपद पंचायत सीईओ डॉ. स्वेच्छा सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह महिलाएं उपस्थित रहे।

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