
दिल्ली में लाल किले के बाद फिदायनी हमला करके एक दर्जन से अधिक लोगों को मौत के घाट उतारने वाले आतंकी डॉक्टर उमर नबी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह फिदायीन हमले को जायज बताता नजर आ रहा है। कैमरे के सामने इस वीडियो को रिकॉर्ड करते हुए वह कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग ‘शहादत का अभियान’, लेकिन इसे गलत समझा जाता है। वह इस्लाम की भी दलील देकर इसे जायज बताने की कोशिश करता है। उमर नबी का यह वीडियो कब का है यह तो जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि अपनी तरह और दूसरे लोगों के दिमाग में जहर भरने के लिए वह ऐसे वीडियो रिकॉर्ड करता था। वह एक कमरे में अकेला बैठा हुआ दिख रहा है। कुर्सी पर बैठकर वह हिलते-डुलते बहुत ही तस्सली से फिदायीन हमले पर अपने कुतर्क गढ़ते हुए दिख रहा है। फिदायीन हमले के पक्ष में एक-दो कुतर्क देने के बाद वह अचानक कैमरे को खिड़की की ओर घुमा देता है।
उमर नबी वीडियो में कहता है, ‘बहुत गलत समझे जाने वाले विचारों में से एक है जिसे सुसाइड बॉम्बिंग कहा जाता है। यह ‘शहादत का अभियान’ है और इसे इस्लाम में इसी रूप में जाना जाता रहा है। अब इसके खिलाफ कई तरह की आपत्तियां और कई तर्क प्रस्तुत किए जाते हैं। शहादत का अभियान वह है जब कोई व्यक्ति यह मानकर चलता है कि वह किसी विशेष जगह, किसी विशेष समय पर निश्चित रूप से मरने जा रहा है।’ आतंकी उमर नबी फरीदाबाद के एक ‘वॉइट कॉलर मॉड्यूल’ का हिस्सा था। वह और उसके साथ अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कई डॉक्टर देशभर में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। कश्मीर में धमकी वाले एक पोस्टर की जांच के दौरान एक इमाम पकड़ा गया और फिर उसके जरिए फरीदाबाद में आतंकियों के इस गिरोह का खुलासा हुआ। इनके कब्जे से 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। साथियों की गिरफ्तारी के बाद पकड़े जाने के डर से उमर नबी ने हड़बड़ाहट में लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम खुद को i20 कार में उड़ा लिया।






