
रायपुर, 08 दिसम्बर 2025/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान 15 नवंबर से प्रारंभ किया गया है। यह अभियान प्रदेश के किसानों की आर्थिक सुरक्षा को नए आयाम प्रदान कर रहा है। इसी क्रम में विकासखण्ड सक्ती के ग्राम बेल्हाडीह के किसान श्री समारू बंजारे की कहानी सरकार की किसान हितैषी नीतियों और सुचारू पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था की उत्कृष्ट मिसाल के रूप में सामने आई है।
*समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किसान के लिए अत्यंत सुविधाजनक*
किसान श्री समारू बंजारे ने धान उपार्जन केंद्र बेल्हाडीह में 31.20 क्विंटल धान विक्रय कर समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त किया। धान विक्रय के उपरांत उन्होंने शासन एवं प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान खरीदी व्यवस्था सहज, सरल और किसानों के लिए अत्यंत सुविधाजनक है, जिससे उन्हें बिना किसी परेशानी के अपना धान बेचने में आसानी हो रही है।
*ऑनलाइन टोकन प्रणाली बनी किसानों की सबसे बड़ी सुविधा*
श्री बंजारे ने बताया कि पहले टोकन के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता था और पूरा दिन निकल जाता था, जिससे खेती-किसानी का काम भी प्रभावित होता था। अब मोबाइल फोन से ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त हो जाता है और समय पर सूचना भी मिल जाती है। इसके चलते खरीदी केंद्र पहुंचते ही तुरंत तौलाई हो जाती है, जिससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की समस्या भी समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था ने किसानों की मेहनत, समय और संसाधनों तीनों की ही बचत सुनिश्चित की है।
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से बढ़ी पारदर्शिता और भरोसा*
किसान समारू बंजारे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लागू की गई ऑनलाइन टोकन प्रणाली को किसानों के हित में अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में अब त्वरित तौलाई, पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इन सुविधाओं ने किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ाया है और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपना धान बेचने का अवसर मिला है। किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित और प्रभावी बना दिया है।
*सक्ती जिले में सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था*
सक्ती जिले में धान खरीदी अभियान को अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने पर्याप्त संसाधन, पारदर्शी प्रक्रिया और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से खरीदी केंद्रों को सुचारू बनाया है। इससे न तो भीड़ की समस्या उत्पन्न हो रही है और न ही किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह व्यवस्था राज्य सरकार की किसान हितैषी सोच और उनके लिए बनाई गई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रदर्शित करती है।
*किसानों का विश्वास, राज्य सरकार की सबसे बड़ी सफलता*
ग्राम बेल्हाडीह के किसान समारू बंजारे की कहानी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की नीतियाँ जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू हो रही हैं। तकनीक-आधारित ऑनलाइन टोकन प्रणाली, उत्पादन के अनुरूप तत्काल तौलाई, पारदर्शी भुगतान व्यवस्था और केंद्रों में सुचारू संचालन ने किसानों के मन में भरोसा पैदा किया है। वर्तमान खरीदी व्यवस्था ने किसानों को आत्मविश्वास से भर दिया है और उन्हें सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।









