
कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले की सभी समितियों में किसानों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के पहले दिन 09 दिसंबर को आरा, आस्ता, नारायणपुर, चोंगरीबहार, तपकरा, विमड़ा, घरजियाबथान, केराकछार, कुरोंग, किलकिला एवं पण्ड्रापाठ समितियों में आयोजित कार्यक्रमों में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहनी एवं तिलहनी फसलें लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कृषि आय बढ़ाने के विभिन्न प्रभावी तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
उपसंचालक कृषि ने बताया कि कार्यशाला में किसानों को जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा जिले की कुल 09 समितियों में उपार्जित दलहनी-तिलहनी फसलों को प्राइस सपोर्ट पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। धान की फसल जहाँ अधिक पानी की मांग करती है, वहीं दलहनी एवं तिलहनी फसलें कम पानी में अधिक क्षेत्र में उगाई जा सकती हैं, जिससे किसानों की आय स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। इस संदर्भ में वैज्ञानिक खेती, लागत में कमी, बाजार उपलब्धता और फसल विविधीकरण के लाभों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में विभागीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले अनुदान एवं तकनीकी सहायता की जानकारी भी किसानों को प्रदान की गई। किसानों ने उत्साहपूर्वक धान के स्थान पर दलहनी, तिलहनी, उद्यानिकी फसलें, साथ ही मछली पालन और पशुपालन अपनाने में सहमति जताई। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और कृषक मौजूद रहे।









