
कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार तथा जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक लिंग आधारित हिंसा समाप्ति हेतु विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया गया।
अभियान के तहत 10 दिसंबर को सेंट जेवियर स्कूल, शांति भवन में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा के उदाहरणों द्वारा विभिन्न प्रकार की हिंसा जैसे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं साइबर हिंसा के कारण, प्रभाव और रोकथाम संबंधी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी महिला या बालिका के साथ हिंसा की घटना होने पर तत्काल सहायता किस प्रकार उपलब्ध कराई जा सकती है। इस दौरान विभागीय सेवाओं एवं टोल-फ्री नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमे महिला सशक्तिकरण केंद्र, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, बाल विवाह निषेध अधिनियम, पोक्सो अधिनियम, मासिक धर्म एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता शामिल रहे।
महिला संरक्षण अधिकारी ने लिंग आधारित हिंसा की अवधारणा समझाते हुए बताया कि यह हिंसा महिलाओं और बालिकाओं के लिए शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से अत्यंत हानिकारक होती है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर क्राइम तथा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न इसके प्रमुख रूप हैं। कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह संस्था हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुलिस सहायता एवं अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएँ प्रदान करती है। इसके साथ ही सी-बॉक्स पोर्टल, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम के प्रावधान, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा एवं पॉक्सो अधिनियम की विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर सखी वन स्टॉप सेंटर से रीना महतो, केस वर्कर अलका बेक, बहुद्देशीय कार्यकर्ता शांति तिर्की एवं नवा बिहान की संरक्षण अधिकारी शिखा शर्मा उपस्थित रहीं। विद्यालय की ओर से प्रिंसिपल अजय केरकेट्टा, एलेक्स केरकेट्टा, सिस्टर नीलम तिर्की एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ कार्यक्रम में शामिल हुईं।








