
जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में लागू पारदर्शी व्यवस्था, टोकन प्रणाली और डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से किसानों के लिए धान विक्रय की प्रक्रिया सुगम, सरल और आसान हो गई है। समयबद्ध तौलाई, नमी परीक्षण, माइक्रो एटीएम जैसी सुविधाओं से किसानों को राहत मिल रही है और उन्हें उचित मूल्य का लाभ प्राप्त हो रहा है।
अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्राटिकरा के किसान श्री गोविंद राम है ने बताया कि उनकी 13 एकड़ भूमि में धान की खेती है। इस वर्ष फसल अच्छी हुई है और वे कुल लगभग 230 क्विंटल धान विक्रय करेंगे। उन्होंने बताया कि आज पहली बार 100 क्विंटल धान बेचने आए हैं। उपार्जन केन्द्र में नाप-तौल पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। समिति के माध्यम से टोकन कटवाने में भी कोई समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का सर्वाधिक मूल्य मिलने से किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है। फसल से प्राप्त राशि का उपयोग वे खेती-बाड़ी के विस्तार में कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी व्यवस्था किसानों के विश्वास को मजबूत कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिल रही है और किसान उन्नति कर रहे है।







