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सर्वाधिक समर्थन मूल्य और सुगम धान खरीदी व्यवस्था से किसानों के चेहरे पर मुस्कान धान खरीदी नीति से मिला भरोसा, किसान महावीर यादव हुए आश्वस्त

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्मुख नीतियाँ आज ज़मीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के मन से वर्षों पुरानी चिंताओं को दूर किया है। उच्चतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी, सुगठित प्रशासनिक व्यवस्था और उपार्जन केंद्रों पर मिल रही सुविधाओं ने किसानों को यह भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी मेहनत के साथ खड़ी है। यही कारण है कि आज जिले के किसान संतुष्ट, आश्वस्त और खुशहाल नज़र आ रहें है।
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में किसान और कृषि की अहम भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए विष्णु सरकार ने धान खरीदी को केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसान के सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर देखा है। धान खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को उपार्जन केंद्रों में अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ता। निर्धारित तिथि पर किसान सहजता से केंद्रों पर पहुंचकर अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं।
कोरबा जिले के ग्राम सराईपाली सोनपुरी पंचायत के निवासी किसान श्री महावीर यादव छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित होने वाले किसानों में से एक हैं। वे लगभग ढाई एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं और इस वर्ष अच्छी फसल होने पर 30 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय करने के लिए सोनपुर धान उपार्जन केंद्र पहुंचे। शासन द्वारा की गई सुव्यवस्थित व्यवस्था के कारण उन्हें धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
श्री यादव बताते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान की खरीदी सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रूपये पर की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा और उचित मूल्य मिल रहा है। पहले जहां धान को लेकर विक्रय को लेकर असमंजस और चिंता बनी रहती थी, वहीं अब पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। धान उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पीने का स्वच्छ पानी, छांव और तौल में पारदर्शिता जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे किसानों को न केवल सुविधा मिली, बल्कि उन्हें सम्मानजनक माहौल का भी अनुभव हुआ। उनका कहना है कि समिति के कर्मचारियों और प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सरल और सुचारु रूप से संपन्न हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री  साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान कल्याणकारी सोच से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, ऐसी नीतियों से खेती फिर से लाभ और सम्मान का कार्य बनी है।

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