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ट्रंप का गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्लान: 9000 करोड़ से मिलेगी पर्मानेंट सीट, PM मोदी को न्योता, पाकिस्तान को भी दिया इनविटेशन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति लाने के लिए अपने 20-पॉइंट वाले प्लान के दूसरे फेज की शुरुआत कर दी है. इसके लिए उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नाम की एक नई ऑर्गेनाइजेशन बनाई है. ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन होंगे. इस बोर्ड का काम गाजा को फिर से बसाना, वहां सुरक्षा व्यवस्था देखना और हमास जैसे संगठनों को खत्म करना होगा. यह ऑर्गेनाइजेशन फ्यूचर में दुनिया के दूसरे बड़े विवादों को सुलझाने में भी भूमिका निभा सकती है.

PM मोदी को मिला न्योता

भारत में अमेरिका के एम्बेसडर सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी को भेजा गया ट्रंप का इनविटेशन शेयर किया है. ट्रंप ने मोदी को ‘महान लीडर’ बताते हुए इस ऐतिहासिक काम में साथ आने को कहा है. खास बात यह है कि इस बोर्ड का पर्मानेंट मेंबर बनने के लिए देशों को 1 बिलियन डॉलर (करीब 9,000 करोड़ रुपये) देने होंगे. जो देश यह पैसा नहीं देंगे, वे सिर्फ 3 साल के लिए मेंबर बन पाएंगे. यह पैसा सीधे गाजा के स्कूलों, सड़कों और अस्पतालों को बनाने में खर्च होगा.

पाकिस्तान और तुर्की को भी बुलाया

ट्रंप ने इस बोर्ड में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और तुर्की को भी इनविटेशन भेजा है. पाकिस्तान ने इनविटेशन मिलने की बात तो मान ली है, लेकिन अभी शामिल होने पर कोई साफ जवाब नहीं दिया. इधर इजरायल इस बात से थोड़ा खफा है कि इसमें तुर्की जैसे देशों को क्यों रखा गया है, जिनके साथ उसके रिश्ते अच्छे नहीं हैं. हालांकि, अमेरिका का मानना है कि तुर्की का होना जरूरी है क्योंकि उसके हमास के साथ बातचीत के रास्ते खुले हैं.

हंगरी और वियतनाम तैयार, कई देश अभी सोच-विचार में

दुनिया के कई देशों ने इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है. हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बन और वियतनाम ने इस न्योते को स्वीकार कर लिया है. वहीं ऑस्ट्रेलिया, जॉर्डन, ग्रीस और कनाडा जैसे देशों ने कहा है कि वे फिलहाल इस पर विचार कर रहे हैं और अमेरिकी अधिकारियों से और जानकारी मांग रहे हैं. ट्रंप की योजना है कि इस बोर्ड की फाइनल लिस्ट दावोस में होने वाली ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ की मीटिंग के दौरान जारी की जाए.

क्या UN की जगह लेगा यह नया बोर्ड?

जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह नया बोर्ड फ्यूचर में संयुक्त राष्ट्र (UN) की सिक्योरिटी काउंसिल को चुनौती दे सकता है. अक्सर UN में बड़े फैसलों पर देश वीटो लगाकर काम रोक देते हैं, इसलिए ट्रंप अपना एक अलग और पावरफुल ग्रुप बनाना चाहते हैं. इस बोर्ड की टीम में ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, पूर्व ब्रिटिश पीएम टोनी ब्लेयर और वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा जैसे बड़े नाम शामिल किए गए हैं.

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