
यूपी के ग्रेटर नोएडा के एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में डूबकर इंजीनियर के मौत मामले में योगी सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है. आईएएस अधिकारी लोकेश एम को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद से हटा दिया गया है. घटना के बाद गौतमबुद्ध नगर एसडीएम (सदर) आशुतोष गुप्ता ने मौके का दौरा किया. उन्होंने कहा के यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसकी जांच की जा रही है और इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि घटना को लेकर FIR दर्ज कर लिया गया है.
सीएम योगी ने SIT जांच का दिया आदेश
कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी में डूबकर इंजीनियर की मौत पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है. सीएम योगी के निर्देश पर पूरे मामले की पूरी जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया. जानकारी के मुताबिक मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय एसआईटी में मेरठ के मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) और लोक निर्माण विभाग के मुख्य इंजीनियर भी शामिल हैं. यह समिति पांच दिन में जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देगी.
शुक्रवार को हुआ था हादसा
गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करने वाले युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता शुक्रवार की रात एक हादसे में मौत हो गयी थी. पुलिस के मुताबिक उसकी कार ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 एटीएस ले-ग्रैडियोज के पास अनियंत्रित हो गई और नाले की दीवार तोड़कर एक अंडर कंस्ट्रक्शन मॉल के परिसर में पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी. पानी में डूबने से उसकी मौत हो गयी. युवराज के परिजन का आरोप है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण युवराज की मौत हुई है.






