
प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने मंगलवार को नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में विकास की नई इबारत लिखी। मंत्री कश्यप ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा करते हुए कुल 5 करोड़ 84 लाख 76 हजार रूपए की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और सामग्री वितरण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस दौरान फरसागुड़ा, सोरगांव, चेराकुर और छोटेअलनार में आयोजित कार्यक्रमों में भारी जनसमूह उमड़ा, जहाँ मंत्री ने सड़क, पुलिया, सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक मंच जैसे जनहितकारी कार्यों की आधारशिला रखी। विकास कार्यों की इस श्रृंखला में सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी राशि चेराकुर कलस्टर के लिए स्वीकृत की गई है, जहाँ मंत्री ने कुल 4 करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास किया। इसमें क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 4 करोड़ 64 लाख 98 हजार रुपए की भारी-भरकम लागत से बनने वाली चेराकुर से कोलेबेड़ा सड़क निर्माण कार्य प्रमुख है, जो ग्रामीणों के आवागमन को अत्यंत सुगम बनाएगा । सड़क के साथ ही यहाँ विभिन्न स्थानों पर जल निकासी और यातायात को बेहतर बनाने के लिए पुलिया निर्माण के कार्यों की भी आधारशिला रखी गई।
ग्रामीण संस्कृति और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए सोरगांव और छोटे अलनार क्षेत्र में भी कई अहम परियोजनाओं की शुरुआत हुई। सोरगांव कलस्टर में 30 लाख 38 हजार रुपए की लागत से केशरपाल में सांस्कृतिक भवन और नयागुड़ापारा में सांस्कृतिक मंच जैसे कार्यों का भूमिपूजन किया गया, साथ ही कुच्चीगुड़ा में सामुदायिक भवन और बनियागांव में हाई मास्क लाइट लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। वहीं छोटेअलनार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने 50 लाख 50 हजार रुपए के कार्यों के तहत धवड़ागुड़ा, मांझीपारा और टेमरुगुड़ा में सामुदायिक भवनों के निर्माण की नींव रखी । इसके अलावा, देवड़ा और तारागांव में पुलिया निर्माण के साथ ही ग्राम पंचायत छोटे अलनार के निवासियों की पेयजल समस्या के निदान के लिए पानी टैंकर का वितरण भी किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 11 बजे फरसागुड़ा से हुई, जहाँ 17 लाख 90 हजार रुपए की लागत से आंगनबाड़ी केंद्र में अहाता निर्माण, शिवगुड़ी तालाब के पास मण्डली भवन और भानपुरी में माता मंदिर के पास पुलिया निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और संस्कृति का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने उद्बोधन में उन्होंने विशेष रूप से चेराकुर कलस्टर के लिए स्वीकृत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 464.98 लाख रुपये की लागत से बनने वाली चेराकुर से कोलेबेड़ा सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र की तरक्की का आधार बनेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि 4.80 किलोमीटर लंबी यह सड़क ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाएगी और विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी। मंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सरकार गाँव की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत चेराकुर में विभिन्न स्थानों पर जल निकासी हेतु पुलिया निर्माण के कार्य भी कराए जा रहे हैं।
वन मंत्री कश्यप ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की बात करते हुए सोरगांव और छोटे अलनार के कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और परम्पराओं को सहेजने के लिए ही सोरगांव के केशरपाल में सांस्कृतिक भवन और नयागुड़ापारा में सांस्कृतिक मंच जैसे कार्यों की नींव रखी गई है । उन्होंने बताया कि सोरगांव कलस्टर में 30.38 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें कुच्चीगुड़ा में सामुदायिक भवन और बनियागांव में हाई मास्क लाइट लगाना शामिल है, जिससे गाँवों में रोशनी और खुशहाली आएगी । इसी कड़ी में छोटेअलनार में आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए मंत्री ने कहा कि सामुदायिक भवन समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं, इसीलिए 50.50 लाख रुपये की लागत से धवड़ागुड़ा, मांझीपारा और टेमरुगुड़ा में सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जा रहा है ।
कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री कश्यप ने ग्राम पंचायत छोटेअलनार के लिए पानी टैंकर का वितरण किया और देवड़ा व तारागांव में पुलिया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पूर्व दिन की शुरुआत में उन्होंने स्वीकृत 5 करोड़ 84 लाख 76 हजार रुपये के ये कार्य समय सीमा में पूर्ण होने से ग्रामीणों को लाभांवित करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी ग्रामीण उपस्थित थे।







