
अंबिकापुर 06 फरवरी 2026/ राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से वित्त विभाग द्वारा स्थायी निर्देश जारी किए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 15 फरवरी, 2026 के बाद वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों से किसी भी प्रकार की नई सामग्री की खरीदी या क्रय आदेश जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वित्त विभाग के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखना है। यह देखा जाता है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में अनेक विभागों द्वारा जल्दबाजी में केवल बजट उपयोग करने की दृष्टि से आवश्यकता न होने पर भी सामग्री क्रय की जाती है जिससे शासन की राशि अनावश्यक रूप से अवरूद्ध हो जाती है, जिसे वित्त विभाग ने शासन के हित में अनुचित माना है। नए नियमों के तहत विभागों को न केवल 15 फरवरी के बाद नए ऑर्डर देने से रोका गया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि 15 फरवरी तक जारी किए गए सभी ऑर्डर्स का भुगतान हर हाल में 15 मार्च, 2026 तक पूरा कर लिया जाए। हालांकि, जनहित और आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण मदों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा है। जिसमें केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना, केन्द्र प्रवर्तित योजना (केन्द्रांश प्राप्त होने पर आनुपातिक राज्यांश सहित कुल राशि में से तथाSNA SPARSH हेतु), विदेशी सहायता प्राप्त परियोजना, केन्द्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर प्राप्त अनुदान, नाबार्ड पोषित योजना, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक तथा विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु क्रय की जाने वाली सामग्री पर यह नियम लागू नहीं होगा। इसी प्रकार निर्माण विभागों (लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) एवं वन विभाग से संबंधित चालू परियोजनाओं में भंडार की स्थिति का आंकलन करने के उपरांत आगामी एक माह में उपयोग आने वाली सामग्री।जेलों, शासकीय एवं राज्य कर्मचारी बीमा योजनान्तर्गत चल रहे अस्पतालों तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित छात्रावासों व आश्रमों में भोजन, कपड़ा, दवाईयों का क्रय तथा अन्य प्रासंगिक व्यय। पोषण आहार हेतु आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किए जा रहे खाद्यान का क्रय तथा परिवहन। आसवनियों से खरीदी गई देशी मदिरा का क्रय। पेट्रोल, डीजल, वाहन मरम्मत एवं प्रतिस्थापन मद से वाहनों के क्रय से संबंधित व्यय। लेखन सामग्री से संबंधित क्रय रूपये 5,000 तक के। रूपये 5,000 तक अन्य आकस्मिक क्रय के देयक, प्रथम अनुपूरक अनुमान में किये गये वाले प्रावधानों के विरूद्ध क्रय पर यह नियम लागू नही होगा। 15 फरवरी 2026 या इसके पश्चात वित्त विभाग द्वारा दी गई स्वीकृति से किए गए क्रय। जारी आदेश के फलस्वरूप 15 फरवरी 2026 के पश्चात से चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक क्रय के लिए विभिन्न स्तरों पर छत्तीसगढ़ वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन भाग-1 एवं 2 में प्रदत्त शक्तियों अधिक्रमित रहेंगी। निर्देशों में किसी प्रकार का शिथिलीकरण केवल वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा। उपरोक्त प्रतिबंध लोकभवन सचिवालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा मुख्यमंत्री सचिवालय (पेंट्री), माननीय उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों पर लागू नहीं होगा।








