
बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं जनजागरूकता पर विशेष जोर देने के निर्देश
कोरबा, 09 फरवरी 2026/
शासन के निर्देशानुसार वजन त्यौहार 2026 का शुभारंभ आज आंगनबाड़ी केन्द्र रामपुर-1, सेक्टर रामपुर, कोरबा (शहरी) में कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज, वार्ड पार्षद ममता यादव तथा परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र में उपस्थित बच्चों द्वारा अभिवादन और स्वागत से हुई। इसके पश्चात कलेक्टर दुदावत ने बच्चों से आत्मीय परिचय लिया। बच्चों द्वारा-नींबू देखो गोल-गोल और मछली जल की रानी है जैसी बालगीत प्रस्तुत किए गए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण और आनंददायक बना।
कलेक्टर ने बच्चों को विभिन्न रंग दिखाकर रंगों की पहचान कराई तथा सब्जियों और फलों के चित्रों के माध्यम से उनके पोषण महत्व पर चर्चा की। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए और गतिविधियों में भाग लेने वाले सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से केंद्र में दर्ज बच्चों, गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं, कुपोषण की स्थिति और टीकाकरण संबंधी जानकारी ली। उन्होंने सही तरीके से वजन और ऊँचाई मापने पर विशेष निर्देश दिए। साथ ही एनआरसी और घर पर बच्चों की उचित देखभाल पर ध्यान देने की बात कही।
कलेक्टर की उपस्थिति में दो बच्चों नव्या (उम्र 2 माह), पिता- करण गोड और आन्या (उम्र 5 माह), पिता- शनि जायसवाल का वजन इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन से और ऊँचाई इन्फेंटोमीटर से मापी गई। कलेक्टर ने सभी हितग्राहियों को टीकाकरण, संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन और बच्चों की नियमित निगरानी से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
वजन त्यौहार के इस शुभारंभ कार्यक्रम में 0 से 6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, शिशुवती माताएँ, किशोरी बालिकाएँ, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन और स्थानीयजनों की सक्रिय उपस्थिति रही। वजन त्यौहार का उद्देश्य बच्चों की पोषण स्थिति का वास्तविक आकलन कर उन्हें आवश्यक सेवाओं से जोड़ना और समुदाय में पोषण जागरूकता बढ़ाना है।
कलेक्टर दुदावत द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्रों में निर्धारित तिथियों के दौरान बच्चों को अनिवार्य रूप से उपस्थित कराएं, ताकि वजन त्योहार का उद्देश्य पूर्ण हो सके और जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा सकें।








