Ro no D15139/23

बंगाल में SIR: महीने भर में पैदा हो गए एक महिला के 2 बच्चे, जन्म से दो दिन पहले जारी हो गया बर्थ सर्टिफिकेट

SIR in Bengal: कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेसिंव रिवीजन (SIR) का काम अंतिम चरण में है. 28 फरवरी तक फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होना है. 21 फरवरी तक हर हाल में सुनवाई पूरी करनी है. एक अनुमान के अनुसार करीब 32 लाख नाम अनमैप्ड श्रेणी में हैं, जिनकी सुनवाई होनी है. ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को इन लोगों के डेटा सुलझाने में काफी मशक्तत करनी पड़ रही है. चुनाव आयोग को बंगाल में ऐसे भी मामले मिले हैं, जहां पर दो बच्चों के जन्म के समय में बेहद कम अंतर है. एक मामला ऐसा भी मिला है जिसमें जन्म से दो दिन पहले ही जन्म प्रमाणपत्र जारी हो चुका है.

एक माह के अंदर दो बच्चों का जन्म

एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके मेटियाबुरूज इलाके में एक महिला को एक माह के अंदर दो बच्चे होने की बात सामने आयी है. एसके इरशाद और शेख नौसेद दोनों भाई हैं. SIR के दौरान जमा किए गए दस्तावेज में दोनों भाई की उम्र में एक माह से कम का अंतर है. बड़े भाई के डॉक्यूमेंट में उनकी जन्मतिथि 5 दिसंबर, 1990 और छोटे भाई की जन्म तिथि 1 जनवरी, 1991 लिखी है. चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सभी दस सदस्यों की पहचान हो गई है. ऐसा लगता है कि उनके माता-पिता एक ही हैं. सुनवाई के दौरान जमा किए गए सभी दस गिनती फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स में मुखिया एसके अब्दुल है. इनका नाम पिता के तौर पर लिखा गया है. मनोवारा बीबी का नाम लगातार मां के तौर पर लिखा गया है. दस बच्चों में से चार का जन्म 1 जनवरी को हुआ है.

दो दिन पहले बन गया बर्थ सर्टिकिकेट

इसी तरह का एक मामला नॉर्थ 24 परगना जिले के बारानगर का भी है. यहां एक व्यक्ति का बर्थ सर्टिफिकेट दो दिन पहले जारी किया गया है. एक वोटर SIR 2002 के साथ पांच साल की उम्र में मैप किया गया, जबकि दूसरा 13 साल का पाया गया. आयोग ने सुनवाई में पाया कि पपील सरकार ने जो बर्थ सर्टिफिकेट जमा किया है, उसमें तारीख 6 मार्च, 1993 लिखी थी, लेकिन उनका बर्थ सर्टिफिकेट उनके जन्म से दो दिन पहले 4 मार्च, 1993 को रजिस्टर हुआ था. SIR का काम कर रहे एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे मामले सामने आने के कारण काम में देरी हो रही है, क्योंकि इन मामलों को वेरिफिकेशन के लिए इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के पास भेजा जाता है. इसे संबंधित हॉस्पिटल अथॉरिटी से भी वेरिफाई किया जाता है. इन सब प्रक्रियाओं में काफी वक्त लग रहा है.

  • Related Posts

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    UP Politics: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी के चुनाव प्रबंधन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी है. वह केंद्रीय कार्यालय…

    Read more

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

      भागलपुर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कहलगांव खंड की ओर से विजयादशमी उत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत 101वें वर्ष…

    Read more

    NATIONAL

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    रूस से तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं, ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर लगाई रोक

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?

    भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाना क्या कानूनी था?