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महाशिवरात्रि पर शिवजी को क्या चढ़ाना है शुभ और क्या वर्जित? पूरा गाइड

Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है. यह पावन दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. इस दिन भक्त महादेव को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं. इसके लिए वे पूजा में तरह-तरह की मिठाइयां, फल और

फूल भगवान शिव को अर्पित करते हैं. भगवान शिव सच्चे मन से चढ़ाई गई हर वस्तु स्वीकार करते हैं, लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें उनकी पूजा में वर्जित माना गया है. ऐसे में

भगवान शिव को कौन से फूल अर्पित करें?

धतूरा: महादेव का सबसे प्रिय पुष्प माना जाता है. धतूरे के फूल और फल दोनों ही शिवलिंग पर अर्पित किए जाते हैं. मान्यता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

आक के फूल: सफेद या नीले रंग के आक के फूल शिव जी को अत्यंत प्रिय हैं. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ को यह फूल अर्पित करने से जीवन में शांति और स्थिरता आती है.

कनेर के फूल: पीले और सफेद कनेर के फूल भगवान शिव की पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं. माना जाता है कि ये नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता लाते हैं.

पारिजात: पारिजात के फूल अपनी सुगंध के लिए प्रसिद्ध हैं. महाशिवरात्रि के दिन आप इन्हें भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं. मान्यता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है.

भगवान शिव को किस चीज का भोग लगाएं?

भांग: भांग को महादेव का मुख्य प्रसाद माना जाता है. इसे दूध में मिलाकर या लड्डू के रूप में अर्पित किया जा सकता है.

पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर पंचामृत बनाया जाता है. यह शुद्धता का प्रतीक है और भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है.

दूध से बनी मिठाइयां: खीर, रबड़ी या सफेद पेड़े जैसी दूध से बनी मिठाइयां महादेव को अर्पित करना शुभ माना जाता है.

बेर: महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को विशेष रूप से बेर का फल अर्पित किया जाता है.

भगवान शिव को क्या अर्पित न करें

केतकी के फूल: पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार केतकी के फूल ने ब्रह्मा जी के झूठ बोलने में साथ दिया था. इसी कारण भगवान शिव ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से त्याग दिया. इसलिए शिव पूजा में केतकी के फूल चढ़ाना वर्जित माना जाता है.

लाल रंग के फूल: लाल रंग के फूल पूरी तरह वर्जित नहीं हैं, लेकिन भगवान शिव को सफेद और नीले फूल अधिक प्रिय माने जाते हैं. इसलिए कोशिश करें कि उन्हें सफेद या नीले फूल ही चढ़ाएं.

टूटे या मुरझाए फूल: भगवान शिव को कभी भी मुरझाए, खराब या जमीन पर गिरे हुए फूल नहीं चढ़ाने चाहिए.

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