
AI Summit 2026 Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा कि मैं आप सभी का दुनिया के सबसे ऐतिहासिक एआई समिट में स्वागत करता हूं. भारत दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी हब के तौर पर खड़ा है. यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात है कि यह एआई समिट भारत में हो रहा है. भारत नयी टेक्नोलॉजी विकसित करता है और उसे तेजी से अपनाता भी है.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब पहली बार वायरलेस सिग्नल भेजे गए थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में जुड़ी होगी. एआई भी मानव इतिहास में ऐसा ही बड़ा बदलाव है
पहले नयी टेक्नोलॉजी के असर दिखने में लग जाते थे दशकों: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई मशीनों को स्मार्ट बना रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा इंसानों की क्षमताएं कई गुना बढ़ रही हैं. फर्क बस इतना है कि इस बार गति बहुत तेज है और इसके असर का दायरा भी बड़ा है. पहले नयी टेक्नोलॉजी के असर दिखने में दशकों लग जाते थे. आज मशीन लर्निंग से लेकर लर्निंग मशीन तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज है.
एआई काम करने के तरीके को बदल देगा : सुंदर पिचाई
समारोह में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई शिखर सम्मेलन में कहा कि एआई निश्चित रूप से काम करने के तरीके को बदल देगा. कोई भी टेक्नोलॉजी मुझे एआई जितना बड़ा सपना देखने के लिए प्रेरित नहीं करती. हम तेजी से नई खोजों के करीब हैं, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं को तेजी से आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं.
लीडर्स प्लेनरी सत्र में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी
समिट में तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे से लीडर्स प्लेनरी सत्र में हिस्सा लेंगे. इस सत्र में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और मल्टीपल इंस्टीटूशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे. वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी नेशनल और ग्लोबल प्राइरोटीस पर चर्चा करेंगे. इनमें एआई का रेगुलेशनऔर अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल रहेंगे.
सीईओ राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी
इसके बाद प्रधानमंत्री शाम 5:30 बजे से सीईओ राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में ग्लोबल टेक्नोलॉजी और बड़ी कंपनियों के सीनियर अधिकारी मौजूद रहेंगे. वे सरकार के साथ निवेश, रिसर्च में सहयोग, सप्लाई चेन और एआई सिस्टम के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इस सत्र का उद्देश्य उद्योग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना और एआई क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा देना है
समिट एआई के बारे में सीखने और नेटवर्किंग का बड़ा मौका
दुनिया का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट को प्रधानमंत्री मोदी ने 16 फरवरी को नई दिल्ली में शुरू किया. इसमें भारी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी देखी जा रही है. इस कार्यक्रम में 500 से ज्यादा एआई लीडर्स शामिल हैं, जिनमें सीईओ और सीएक्सओ हैं. करीब 100 फाउंडर्स और चीफ एग्जीक्यूटिव्स, 150 अकादमिक और रिसर्चर के अलावा लगभग 400 सीटीओ, वाइस प्रेसिडेंट और फिलान्थ्रोपिस्ट भी मौजूद हैं. यह समिट एआई के बारे में सीखने और नेटवर्किंग का बड़ा मौका बना हुआ है.





