Ro no D15139/23

महतारी वंदन योजना से संवर रहे शकीला के सपने सिलाई मशीन की किश्त चुकाकर बनीं आत्मनिर्भर

अम्बिकापुर 10 मार्च 2026/  छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ’महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में न केवल आर्थिक संबल लाया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दिया है। अम्बिकापुर के मुक्ति पारा के मदर टेरेसा वार्ड, वार्ड क्रमांक 4 की निवासी शकीला बानो इसका जीवंत उदाहरण हैं।

शकीला बानो सिलाई का काम जानती थीं, लेकिन स्वयं की मशीन न होने के कारण उन्हें काम करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महतारी वंदन योजना की शुरुआत हुई, तो शकीला ने इस अवसर को अपनी आत्मनिर्भरता का जरिया बनाया।

आर्थिक आजादी की ओर बढ़ते कदम
शकीला बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि का उन्होंने सदुपयोग किया। उन्होंने किश्तों पर एक सिलाई मशीन खरीदी और योजना से मिलने वाली राशि से उसकी किश्तें जमा कीं। शकीला बतातीं हैं कि, मशीन की किश्त अब पूरी होने वाली है। अब सिलाई से जो भी आमदनी होती है, उसका उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से मुझ जैसी कई महिलाओं के लिए एक स्थाई सहारा आर्थिक सहारा मिला है।

शासन की योजना से मिला संबल
शकीला ने अपनी सफलता का श्रेय शासन की योजना के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर महिलाओं को ढूंढा, उन्हें योजना की जानकारी दी और फॉर्म भरवाने में पूरी मदद की। उन्हीं के प्रयासों से आज घर बैठे महिलाओं को राशि प्राप्त हो रही है।

महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल
शकीला बानो ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि,1000 रुपये की राशि भले ही देखने में छोटी लगे, लेकिन एक महिला के लिए यह बहुत बड़ा मानसिक और आर्थिक संबल है। अब महिलाएं इस बात के लिए आश्वस्त रहती हैं कि उनके पास अपनी जरूरतों के लिए एक निश्चित और स्थायी राशि उपलब्ध है।

शासन की इस पहल ने प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है। शकीला बानो जैसी कई महिलाएं इस राशि का उपयोग छोटे व्यवसाय, घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई में कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

  • Related Posts

    बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध*   *मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा…

    Read more

    राजनांदगांव भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा 4 मंडलों की पदाधिकारियों की सूची जारी

    राजनांदगांव (IMNB NEWS AGENCY )- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा जिला भाजपा अध्यक्ष…

    Read more

    NATIONAL

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे. फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे.  फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC