
Trump Christ Image: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV के बीच विवाद अब काफी बढ़ गया है. ट्रंप ने हाल ही में ‘ट्रुथ सोशल’ पर खुद की एक एआई फोटो शेयर की है, जिसमें वे ईसा मसीह की तरह चमत्कार करते दिख रहे हैं. इस तस्वीर में ट्रंप ने लंबे चोगे पहने हैं और वे एक बीमार व्यक्ति पर हाथ रखकर उसे ठीक कर रहे हैं.
फोटो के बैकग्राउंड में अमेरिकी झंडा, मिलिट्री प्लेन्स और फरिश्ते नजर आ रहे हैं, जो सीधे तौर पर बाइबिल के उस किस्से की याद दिलाते हैं जहां जीसस ने लाजर को दोबारा जीवित किया था. बाइबल के यूहन्ना सुसमाचार (Gospel of John) के अनुसार, जीसस ने लाजर की मृत्यु के चार दिन बाद उसे कब्र से बाहर आने का आदेश देकर चमत्कारिक रूप से पुनर्जीवित कर दिया था.
पोप को बताया विदेशी मामलों में ‘बेकार’
ट्रंप ने पोप लियो XIV पर तीखा हमला करते हुए उन्हें विदेशी मामलों में ‘भयानक’ और क्राइम रोकने में ‘कमजोर’ बताया है. ट्रंप का दावा है कि अगर वे राष्ट्रपति न होते, तो पोप फ्रांसिस के निधन के बाद लियो XIV कभी पोप नहीं बन पाते. उन्होंने आरोप लगाया कि चर्च ने उन्हें सिर्फ इसलिए चुना ताकि वे ट्रंप प्रशासन से डील कर सकें क्योंकि वे एक अमेरिकी हैं.
ईरान और वेनेजुएला के मुद्दे पर घेरा
ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि पोप ने ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों पर अमेरिका के कड़े रुख की आलोचना की है. ट्रंप ने लिखा कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जिसे ईरान का परमाणु हथियार बनाना ठीक लगता हो. वे वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को गलत बता रहे हैं, जबकि वहां से ड्रग्स और अपराधी अमेरिका भेजे जा रहे हैं. ट्रंप के अनुसार, वे वही कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें भारी बहुमत (लैंडस्लाइड) से चुना गया है.
कोविड के समय की याद दिलाई
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने आरोप लगाया कि पोप उस डर की बात नहीं करते जो ईसाई संगठनों ने कोविड के दौरान महसूस किया था. ट्रंप के अनुसार, उस समय पादरियों और मंत्रियों को चर्च सर्विस करने के लिए गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने पोप के भाई लुईस की तारीफ करते हुए कहा कि लुईस ‘MAGA’ (Make America Great Again) के समर्थक हैं और चीजों को समझते हैं, लेकिन पोप लियो ऐसा नहीं करते.






