
*801 आवेदनों का मौके पर हुआ निराकरण, जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान का हुआ शुभारंभ*
*कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में आयोजित हुआ शिविर*
रायपुर, 18 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज बालोद के आदिवासी विकासखंड डौण्डी के ग्राम भैंसबोड़ में विशाल सुशासन तिहार का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के 18 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए।
शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित यह जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के माध्यम से हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड वितरित किए गए तथा मत्स्य पालन प्रचार योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मछली जाल प्रदान किए गए। दिव्यांगजनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र, वृद्धजनों को राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन स्वीकृति पत्र तथा स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीणों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। इसके अलावा कृषकों को डिजिटल किसान किताब तथा पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड भी प्रदान किए गए।
शिविर में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए। कार्यक्रम के दौरान नन्हें बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई कर उन्हें सुपोषण किट भेंट की गई।
ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित शिविर की विशेष उपलब्धि यह रही कि जिला प्रशासन द्वारा इसी मंच से “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” जनभागीदारी अभियान का शुभारंभ भी किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की संस्कृति, विरासत, योगदान एवं उपलब्धियों का सम्मान करते हुए उन्हें शासन की विकास योजनाओं से और अधिक जोड़ना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राज्य शासन की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं एवं आवश्यकताओं को समझते हुए उनका त्वरित निराकरण कर रहा है। उन्होंने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनके आवेदन भी लिए जा रहे हैं।
कलेक्टर ने बताया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु सभी विभागों को अधिकतम एक माह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारे जैसे मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायतों के माध्यम से अविवादित प्रकरणों के निपटारे की अपील भी की।
उन्होंने पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण एवं “जल संचय-जनभागीदारी 2.0” अभियान के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में बालोद जिले द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराने की अपील भी अभिभावकों से की। उन्होंने किसानों से एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे शासन की योजनाओं का लाभ और अधिक सुगमता से प्राप्त होगा।
उन्होंने ग्रामीणों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाते हुए कहा कि बाल विवाह सामाजिक बुराई ही नहीं बल्कि सामाजिक अपराध भी है, जिसके उन्मूलन में समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सुशासन तिहार के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी पड़ताल की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शाला मैदान भैंसबोड़ में आयोजित इस शिविर में भर्रीटोला, रजही, चिपरा, धुर्वाटोला, सुवरबोड, गिधाली, भैंसबोड़, दानीटोला, गुजरा, खलारी, अड़जाल, कुसुमकसा, अरमुरकसा, पथरटोला, खम्हारटोला, बिटाल, धोबेदण्ड एवं धोबनी सहित 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों से कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 801 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।









