
Pakistani Expert on Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री इन दिनों भारत के दौरे पर हैं. वह अपनी चार दिनी यात्रा के लिए 23 मई को भारत में लैंड हुए. उनका विमान कोलकाता में उतरा. ईरान युद्ध के कारण बदलती वैश्विक परिस्थिति की वजह से उनका यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. अब तक रूबियो ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री के सााथ मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के खराब हुए रिश्ते को सुधारने की कोशिश की है. इस पर पाकिस्तान के पत्रकार नजम सेठी ने कहा कि ट्रंप की पॉलिटिकल सिचुएशन बहुत खराब है, इसलिए उन्हें मोदी को मनाने के लिए रूबियो को भेजना पड़ा.
सोशल मीडिया पर अमित कुमार सिंधी नाम के अकाउंट ने पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार की एक वीडियो क्लिप शेयर किया. इसमें उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी को मनाने और तनाव कम करने के लिए रूबियो को भेजना पड़ा. हालांकि, जब रूबियो भारत पहुंचे तो जयशंकर भी उनका स्वागत करने नहीं गए, जो उनके अनुसार भारत की नाराजगी जताने का तरीका था.
वीडियो में सुना जा सकता है, नजम सेठी ने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘अब स्थिति यह है कि अमेरिका को भारत के साथ अपने रिश्ते सुधारने की जरूरत है. आखिर भारत एक बड़ा देश है और बेहद महत्वपूर्ण भी है. सच तो यह है कि दुनिया के सबसे बड़े देशों में भारत की अहम जगह है.’
सेठी ने आगे कहा कि भारत का अमेरिका के साथ पहले से ही बड़ा व्यापारिक रिश्ता है. भारतीय नागरिक, प्रोफेशनल्स और इंडियन-अमेरिकन समुदाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाते हैं. अमेरिका की राष्ट्रपति चुनावी कैंपेन फंडिंग में भी उनका बड़ा योगदान रहता है. इसलिए मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत के साथ रिश्तों को फिर से बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने कहा कि यह मत भूलिए कि इस पूरे संघर्ष में भारत अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और इजरायल के पक्ष में खड़ा दिखाई दिया. लेकिन अमेरिका ने भारत की खुलकर तारीफ नहीं की, जबकि इजरायल ऐसा कर रहा था. यही वजह है कि मार्को रुबियो को मोदी से मिलने और भारत को खुश करने के लिए भेजा जा रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की तरफ से कुछ ऐसे कदम उठाए गए, जिन्हें भारत ने अपमान की तरह लिया. एस. जयशंकर ने रुबियो से मुलाकात नहीं की. यह अमेरिका को संदेश देने का तरीका था कि ‘हम आपसे खुश नहीं हैं. हम भारत हैं.’ भारत ने अमेरिका को संकेत दिया. उन्होंने रूबियो को रिसीव करने के लिए प्रोटोकॉल के मुताबिक बराबर स्तर के प्रतिनिधि भेजने के बजाय विदेश मंत्रालय का निचले स्तर का अधिकारी भेजा. सवाल यह था कि आप हमारे साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं. यही इसकी वजह थी.
सेठी ने आगे कहा कि तुलना तब भी देखने को मिली, जब जेडी वेंस पाकिस्तान आए थे. वहां उनका स्वागत किस स्तर पर हुआ और भारत में क्या हुआ, यह सबके सामने है. देखें इस बातचीत का वीडियो-






