
अम्बिकापुर 02 जून 2026/ सरगुजा वन मंडल द्वारा वन्यजीव संरक्षण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन क्षेत्रों एवं उनके आसपास स्थित खुले एवं असुरक्षित कुओं को सुरक्षित करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। खुले कुएँ वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा साबित होते हैं, जिनमें गिरकर उनकी मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।
वन विभाग द्वारा ऐसे खुले एवं असुरक्षित कुओं की पहचान कर उन्हें मजबूत जाली, ढक्कन अथवा अन्य उपयुक्त संरचनाओं से सुरक्षित किया जा रहा है। इस पहल से हाथी, तेंदुआ, हिरण, भालू सहित अन्य वन्यजीवों के कुओं में गिरने की आशंका कम होगी तथा उनके सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वनमंडलाधिकारी सरगुजा, श्री अभिषेक जोगावत ने बताया कि वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न अंग हैं। खुले कुएँ वन्यजीवों के लिए एक छिपे हुए खतरे के रूप में कार्य करते हैं। सरगुजा वन मंडल द्वारा ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से उन्हें सुरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की अनावश्यक मृत्यु एवं दुर्घटनाओं को रोकना विभाग की प्राथमिकता है तथा उनके लिए सुरक्षित आवास एवं आवागमन का वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी के सहयोग से ही इस दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।









