
859 बोरी रासायनिक उर्वरक एवं 700 बोरी जैविक खाद जब्त, 03 उर्वरक लाइसेंस निलंबित
धमतरी, 14 जून 2026/ खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में उप संचालक कृषि, उर्वरक निरीक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केन्द्रों में छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 03 उर्वरक लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 859 बोरी रासायनिक उर्वरक एवं 700 बोरी जैविक खाद जब्त की गई।
निरीक्षण के दौरान विकासखण्ड मगरलोड स्थित मेसर्स वंदना खाद भण्डार, करेली छोटी में उर्वरकों का भण्डारण तो पाया गया, किन्तु किसानों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय करने तथा कैश मेमो जारी नहीं करने की शिकायत सही पाई गई। इसके फलस्वरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया तथा परिसर में उपलब्ध 269 बोरी यूरिया, 354 बोरी एनपीके एवं 236 बोरी डीएपी सहित कुल 859 बोरी उर्वरक जब्त किया गया। जब्त उर्वरक के संबंध में अग्रिम कार्रवाई कलेक्टर के मार्गदर्शन में की जाएगी।
इसी प्रकार विकासखण्ड नगरी के पवार ट्रेडर्स, बेलरगांव में निरीक्षण के दौरान बिना नियमानुसार अनुमोदन के 600 बोरी जैविक खाद का भण्डारण पाया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। वहीं जय किसान ट्रेडर्स, बेलरगांव से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई। दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जवाब के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकासखण्ड कुरूद के मेसर्स चण्डी ट्रेडर्स एवं मेसर्स किसान ट्रेडर्स में भौतिक सत्यापन के दौरान पॉस मशीन के रिकॉर्ड एवं वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही मूल्य सूची एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी निर्धारित बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं की गई थी। इस पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान इन प्रतिष्ठानों से उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
कृषि विभाग की टीम द्वारा जिले के दो दर्जन से अधिक उर्वरक विक्रय केन्द्रों में निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की गई। विकासखण्ड धमतरी, नगरी एवं अन्य क्षेत्रों के विभिन्न कृषि आदान केन्द्रों में अभिलेखों, स्टॉक तथा विक्रय व्यवस्था की गहन जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री, स्टॉक छिपाना अथवा रिकॉर्ड में अनियमितता जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को सभी विकासखण्डों में नियमित निरीक्षण एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी कृषि आदान केन्द्र से उर्वरक अथवा अन्य कृषि सामग्री खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल प्राप्त करें। यदि किसी विक्रेता द्वारा अधिक मूल्य वसूला जाता है अथवा बिल देने से इंकार किया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके ।









