
-0 प्रकाश बजाज व साथियों के संग चर्चा में बोले प्रखर श्रीवास्तव
– बेस्ट सेलर हेराम पुस्तक के लेखक हैं प्रखर
रायपुर
प्रखर ढंग से बात कहने के अपने नुक़सान होते हैं, जो ये नुक़सान उठा नहीं सकते उन्हें प्रखर होने की आवश्यकता नहीं। ये कहना है राष्ट्रवादी चिंतक और बहुचर्चित पुस्तक हेराम के लेखक प्रखर श्रीवास्तव का। वे अपने एक दिन प्रवास के दौरान बचपन के मित्र और वैचारिक साथी प्रकाश बजाज से मिले। इस भेंट में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों और विचारकों ने भी शिरकत की।
रिंग रोड स्थित एक निजी होटल में अनौपचारिक बातचीत में प्रखर ने CM के सलाहकार आर कृष्णदास से चर्चा में कहा देश में स्पष्टता का कालखंड 2014 के बाद से शुरू हुआ है। प्रखर ने प्रफुल्ल पारे, शशांक खरे, प्रियंका कौशल के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा निष्पक्षता जैसी कोई बात होती नहीं। राजेश लाहोटी, तन्मय साकल्ले, वरुण सखाजी, वर्णिका शर्मा भी प्रखर जी से पुस्तक के शोध पर बात की। वहीं राजेश जॉन पॉल, अटल त्रिपाठी, विशाल यादव, राकेश पाण्डे, भारत योगी ,इंदिरा जैन ने मोदी के बाद के देश को लेकर चिंता व्यक्त की, जिसके जवाब में प्रखर ने कहा इस माहौल के कारण भाजपा जैसे राष्ट्रवादी दल सत्ता में हैं, यह बना रहेगा। चर्चा में प्रदेश के अनेक वरिष्ठ पत्रकार शामिल रहे।









