
बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि रिकॉर्ड अपडेशन की शिकायत नहीं आनी चाहिए। राजस्व प्रकरणों में आदेश पारित होने वाले सभी रिकॉर्डों का ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें। साथ ही लंबे समय से लंबित राजस्व प्रकरणों में सक्रियता दिखाते हुए सभी को निराकृत करे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन, स्वामित्व योजना, आरबीसी 6-4 सहित सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने स्वामित्व योजना, मसाहती गांव सर्वेक्षण, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन, भू-नक्शा अद्यतन, भू-बंटन रिकॉर्ड दुरुस्ती तथा त्रुटि सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि राजस्व विभाग के मैदानी अमले सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि आम जनता को प्रकरणों के निराकरण में त्वरित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निराकरण किए जा सकने वाले प्रकरणों के आवेदन कलेक्टर जनदर्शन में आ रहे है। ऐसे प्रकरणों को स्थानीय स्तर पर ही निराकृत कर लोगों की समस्याओं का समाधान करे। जिससे उन्हें अनावश्यक जिला कार्यालय न आना पड़े।









