
अम्बिकापुर 20 जून 2026/ कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केन्द्र सभाकक्ष में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारकेश्वर (हुगली, पश्चिम बंगाल) में आयोजित राष्ट्रीय किसान सम्मेलन से एक सिंगल क्लिक के जरिए योजना की 23वीं किश्त की राशि ऑनलाइन अंतरित की। योजना के तहत जिले के 86 हजार 548 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के रूप में कुल 17 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर किसानों को शासन की विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री चिंतामणि महाराज शामिल हुए। सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक, जैविक एवं टिकाऊ खेती को अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने किसानों से हाइब्रिड धान की खेती पर निर्भरता कम कर स्थानीय एवं देशी धान की किस्मों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है तथा भूमि की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है। आने वाली पीढ़ियों को खेती-किसानी से जोड़कर रखने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि किसानों को देशी बीज एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही दलहन फसलों की खेती को बढ़ाने और फसल चक्र अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे भूमि की गुणवत्ता बेहतर होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यदि अभी से इसके लिए प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण एवं जल संचयन के उपाय अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से जल स्तर को संरक्षित एवं बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने किसानों को शासन द्वारा संचालित कीटनाशक दवा अनुदान संबंधी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दवाओं की खरीदी का बिल कृषि विभाग में जमा करने पर अनुदान का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की समुचित जानकारी होने पर ही किसान उनका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग से नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत सांकेतिक रूप से पांच किसानों को दलहन बीज वितरित किए गए।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा, सहायक संचालक कृषि श्री कुंवर साय पैकरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी बैंक अंबिकापुर श्रीकांत चंद्राकर, जिला सहकारी बैंक नोडल अधिकारी श्री कमल नयन पाण्डेय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) अंबिकापुर श्री जे. आलम, कृषि वैज्ञानिक श्री पाण्डुराम पैकरा, डॉ सूर्य प्रकाश गुप्ता, डॉ श्री ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ विवेक कुमार, डॉ लिलाधर साहू, सहित कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।









