
अम्बिकापुर 23 जून 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज सरगुजा संभाग के अंतर्गत सरगुजा, सूरजपुर एवं बलरामपुर जिले के कुल 32 प्रकरणों की संयुक्त जनसुनवाई आयोजित की गई। यह प्रदेश स्तर की 402वीं एवं जिला स्तर की 11वीं सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान 15 प्रकरणों का निराकरण करते हुए आवश्यक निर्देश एवं अनुशंसाएं जारी की गईं।
सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में पति-पत्नी के वैवाहिक संबंधों में सुधार लाने के लिए आयोग ने अनावेदक चिकित्सक (डॉक्टर) को सख्त हिदायत देते हुए नियमित रूप से सखी वन स्टॉप सेंटर में उपस्थित होने के निर्देश दिए। आयोग ने पति को अपनी पत्नी को प्रतिमाह 20 हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने तथा पारिवारिक संबंधों में सुधार लाने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा। इस प्रकरण की एक वर्ष तक नियमित निगरानी सखी वन स्टॉप सेंटर अम्बिकापुर द्वारा की जाएगी।
एक अन्य मामले में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर पक्षकारों को तहसील कार्यालय बतौली में खाता पृथक्करण हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी गई। वहीं पारिवारिक विवाद से जुड़े एक अन्य प्रकरण में दोनों पक्षों को आपसी समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने अथवा न्यायालय का सहारा लेने की सलाह देते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया। सुनवाई के दौरान आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में न्यायालय में सुनवाई प्रक्रियाधीन है, उन प्रकरणों में आयोग हस्तक्षेप नहीं करेगा और संबंधित पक्ष विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
एक प्रकरण में लंबे समय से लापता महिला के संबंध में बलरामपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में संरक्षण अधिकारी के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एक अन्य मामले में निजी शिक्षण संस्था से एकतरफा सेवा समाप्त किए जाने की शिकायत पर आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर को आवश्यक कार्रवाई कराते हुए संबंधित महिला को एक वर्ष के वेतन के समतुल्य राहत दिलाने हेतु निर्देशित किया तथा दो माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। सुनवाई के दौरान बीमा दावा लंबित होने के एक मामले में संबंधित बैंक एवं बीमा कंपनी को एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा संरक्षण अधिकारी को इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार कृषि विभाग से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में महिला कर्मचारियों ने प्रभारी एसएडीओ पर कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार एवं अनावश्यक मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी एसएडीओ श्री विनायक पाण्डेय के तत्काल निलंबन की अनुशंसा की है। साथ ही उपसंचालक कृषि, अम्बिकापुर को विभागीय जांच कर दो वेतनवृद्धियां रोकने संबंधी कार्रवाई करते हुए दो माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं तत्परता से निराकरण किया जा रहा है।








