
धमतरी, 23 जून 2026। जिले में युवा साहित्यकारों की सृजनात्मक अभिव्यक्तियों को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत आयोजित साहित्य मंच की चयनित रचनाओं के संकलन ‘युवोदय’ का मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विमोचन किया गया। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने युवा प्रतिभाओं की उपस्थिति में इस काव्य एवं लेख संग्रह का लोकार्पण किया।
गौरतलब है कि कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में 24 एवं 25 अप्रैल को बीसीएस स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धमतरी में आयोजित ‘युवा फेस्ट 2026’ के दौरान साहित्य के क्षेत्र में युवाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं अनूठे ‘लिटरेचर कॉर्नर’ का आयोजन किया गया था। इस मंच पर प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित एवं अप्रकाशित कविताएं, लेख और निबंध प्रस्तुत किए थे।
प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 जिलों—धमतरी, रायपुर, दुर्ग, खैरागढ़, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, गरियाबंद, कांकेर और बस्तर—के विभिन्न महाविद्यालयों से कुल 69 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान की गई, जबकि सभी प्रतिभागियों को कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा तथा निर्णायक मंडल के सदस्यों डॉ. हीरा महावर, श्री श्याम अग्रवाल, डॉ. सरिता दोशी और श्रीमती कामिनी कौशिक द्वारा प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।
प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रचनाओं का संकलन कर तैयार किए गए ‘युवोदय’ संग्रह में युवा साहित्यकारों की कविताओं, लेखों और विचारों को स्थान दिया गया है। विमोचन समारोह में निर्णायक मंडल के सदस्य, प्रतिभागी विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ‘युवोदय’ के प्रधान संपादक एवं राजस्व निरीक्षक श्री दीपचंद भारती ने किया।
इस अवसर पर खैरागढ़ की कुमारी पायल रजक, धमतरी की कुमारी माधुरी मरकाम एवं मगरलोड की कुमारी कुंती साहू ने अपनी स्वरचित रचनाओं का प्रभावशाली वाचन कर उपस्थितजनों की सराहना प्राप्त की।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि युवा पीढ़ी के भीतर अपार रचनात्मक क्षमता मौजूद है। प्रशासन का प्रयास केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि उनकी अभिव्यक्तियों को स्थायी पहचान और मंच उपलब्ध कराना है। ‘युवोदय’ जैसे संकलन युवा लेखकों को साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे तथा उनकी प्रतिभा को व्यापक समाज तक पहुंचाएंगे।
निर्णायक मंडल सदस्य डॉ. हीरा महावर ने कहा कि साहित्य समाज की संवेदनाओं और विचारों का सशक्त माध्यम है। युवा फेस्ट के दौरान प्रस्तुत रचनाओं में नवीन सोच, सामाजिक सरोकार और भाषा की सशक्त अभिव्यक्ति दिखाई दी। ‘युवोदय’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि युवा रचनाकारों के सपनों, संघर्षों और सृजनशीलता का दस्तावेज है, जो आने वाले समय में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।








