
धमतरी, 25 जून 2026। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा जिले में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संचालक कृषि श्री राहुल देव (भा.प्र.से.) तथा कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
इसी क्रम में आज उप संचालक कृषि, जिला धमतरी एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी धमतरी की उपस्थिति में जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विकासखंड धमतरी के रूपाली कृषि केन्द्र रामबाग, सांई कृषि केन्द्र दानीटोला, सूरज कृषि केन्द्र कोलियारी, कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी, यादव खाद भण्डार दानीटोला, भगवती कृषि केन्द्र, संजय कृषि केन्द्र आमदी तथा कैलाश सेल्स कार्पोरेशन धमतरी सहित विकासखंड कुरूद के किसान सेवा केन्द्र मड़ईभाठा, साहू कृषि केन्द्र इर्रा, किसान बीज उत्पादक केन्द्र कोर्रा, सुनील कृषि केन्द्र कचना एवं सत्यम शिवम कृषक क्लब भखारा का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स यादव खाद भण्डार दानीटोला एवं रूपाली कृषि केन्द्र रामबाग धमतरी में पीओएस मशीन एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही मूल्य सूची एवं स्टॉक सूची का प्रदर्शन नहीं किया गया था तथा पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त अनियमितताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
इसके अलावा कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी, सूरज कृषि केन्द्र कोलियारी तथा सांई कृपा कृषि केन्द्र दानीटोला में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। प्राप्त जवाब के परीक्षण उपरांत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग द्वारा संचालक कृषि के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान भी संचालित किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्रीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, अधिक मूल्य पर बिक्री तथा बिना पीओएस मशीन के विक्रय पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
जिले में मानसून आगमन के साथ किसानों द्वारा उर्वरकों एवं बीजों का उठाव तेजी से किया जा रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वर्तमान में जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से 7,540.77 मीट्रिक टन यूरिया, 3,005.57 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट, 2,042.09 मीट्रिक टन डीएपी, 814.52 मीट्रिक टन पोटाश तथा 3,554.39 मीट्रिक टन एनपीके सहित कुल 16,957.34 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले के डबल लॉक उर्वरक भंडारण केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त मांग एवं भंडारण की कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों अथवा लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें। प्रशासन का प्रयास है कि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी किसान को खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर परेशानी न हो। कृषि विभाग का लक्ष्य समय पर पर्याप्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराकर जिले में खरीफ फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना है।









