
अम्बिकापुर 25 जून 2026/ ग्रामीण अंचलों की महिलाओं सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ’बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत गठित स्व-सहायता समूह (SHG) महिलाओं को न केवल आर्थिक तंगी से उबार रहे हैं, बल्कि उन्हें स्वावलंबी भी बना रहे हैं। महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही एक उत्कृष्ट मिसाल जिले के सुंदरपुर की रहने वाली श्रीमती संगीता यादव ने पेश की है।
आर्थिक चुनौतियों से भरा था जीवन
श्रीमती संगीता यादव के पति श्री रूपसाय यादव पेशे से एक राजमिस्त्री हैं। परिवार में चार बच्चों के लालन-पालन और शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी होने के कारण, पति की सीमित आय में घर का खर्च चलाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और उन्हें कई तरह की आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
’बिहान’ योजना से मिली नई दिशा
आर्थिक विषमताओं के बीच श्रीमती संगीता को श्बिहानश् स्व-सहायता समूह के बारे में जानकारी मिली और वे इस योजना से जुड़ गईं। समूह से जुड़ना उनके जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लेकर आया। अपने परिवार को आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए उन्होंने समूह से चरणबद्ध तरीके से लगभग एक लाख रुपये का ऋण लिया।
उद्यमिता की ओर बढ़े कदम
प्राप्त ऋण राशि का सदुपयोग करते हुए श्रीमती संगीता ने अपने घर के पास ही एक छोटी सी परचून दुकान शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए चना और अंडा बेचने का कार्य भी आरंभ किया। उनकी यह मेहनत रंग लाई और व्यवसाय धीरे-धीरे गति पकड़ने लगा।
बच्चों का संवर रहा भविष्य
आज इस व्यवसाय से होने वाली नियमित आमदनी ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर दिया है। आर्थिक चिंताएं दूर होने के बाद, अब श्रीमती संगीता अपने चारों बच्चों को एक अच्छे स्कूल में शिक्षा प्रदान कर रही हैं, जो उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
लाभार्थी श्रीमती संगीता यादव ने कहा कि जब तक मैं समूह से नहीं जुड़ी थी, मेरे घर की आर्थिक स्थिति बिल्कुल सही नहीं थी। श्बिहानश् योजना के तहत समूह से जुड़ने के बाद मैंने दो-तीन बार में लोन लेकर अपनी छोटी सी दुकान शुरू की। आज मेरी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी है और मैं अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा पा रही हूँ। हम महिलाएं आज आत्मनिर्भर होकर अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं। इस बदलाव और सहयोग के लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।
श्रीमती संगीता की यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि शासन की जन-कल्याणकारी योजनाएं यदि सही हाथों तक पहुंचें, तो वे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का जीवन भी रोशन कर सकती हैं। ’बिहान’ योजना आज जिले की हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए लखपति दीदी बना रहा है।









