
Petrol Diesel: पेट्रोल पंपों से एक दिन में एक गाड़ी को अधिकतम 200 लीटर डीजल देने की जो सीमा तय की गई थी, वह भी अब समाप्त हो जाएगी. सरकार का यह फैसला साफ संकेत देता है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई अब पूरी तरह सामान्य हो चुकी है.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने वापस लिया अपना पुराना आदेश
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 29 जून को एक नया आदेश जारी कर 12 जून के अपने पिछले निर्देश को रद्द कर दिया है. 12 जून के आदेश में सरकार ने गाड़ियों के लिए 200 लीटर की दैनिक सीमा तय की थी. साथ ही बड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के खुदरा पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी थी.
मंत्रालय ने क्या कहा?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा- पेट्रोलियम उत्पादों की मौजूदा सप्लाई की समीक्षा के बाद सरकार इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में इन पाबंदियों को आगे जारी रखना अब जरूरी नहीं है. इसलिए ‘मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल आदेश, 2026’ के तहत 12 जून के आदेश को 1 जुलाई 2026 से वापस लिया जा रहा है.
क्यों लगानी पड़ी थी पाबंदी?
दरअसल मिडिल ईस्ट संकट के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो गई थी. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें आसमान छू रही थीं, लेकिन सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए खुदरा पेट्रोल पंपों पर दाम नहीं बढ़ाए. जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने यह पाबंदी लगााई थी.






