
रायपुर, 06 जुलाई 2026/ खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा उर्वरकों के भंडारण, वितरण एवं बिक्री की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
कृषि विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में उर्वरक भण्डारण हेतु खरीफ वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लक्ष्य का 59 प्रतिशत उर्वरक भण्डारण किया जा चुका है तथा लगभग 44 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया गया है।
साथ ही जिले में 1 अप्रैल 2026 से अब तक यूरिया भण्डारण के निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत भण्डारण किया जा चुका है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार सहकारी समितियों एवं अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेताओं से यूरिया सहित अन्य उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर हरी खाद के ढैचा तथा मूंग के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में 1,000 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर बीजों का वितरण किया जा रहा है।
उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए निजी उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय परिसर पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचे जाने अथवा किसी भी प्रकार की काला बाजारी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना विभागीय अधिकारीयों को दें, ताकि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।









