Ro no D15139/23

महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक संबल की राशि, बस्तर की परंपरा और महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रही नई ताकत गोंचा पर्व की तैयारियों में तुपकी निर्माण से बढ़ी आजीविका, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी बन रहा माध्यम

रायपुर, 15 जुलाई 2026/ महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उनकी पारंपरिक आजीविकाओं और स्थानीय संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। प्रदेश के बस्तर अंचल में इसका एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला है, जहां बस्तर जिला के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा की श्रीमती चंदा ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग गोंचा पर्व में उपयोग होने वाली पारंपरिक तुपकी के निर्माण में किया है। इससे न केवल उनके परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पर्व की तैयारियों के बीच चंदा अपने पति श्री चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
तुपकी बांस से बनाया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज (पेंगू) का उपयोग कर बन्दूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

श्रीमती चंदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया। इसी सहायता से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय होने की उम्मीद है।

उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी है। इससे परिवार की आय बढ़ रही है और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी हो रहा है।

गौरतलब है कि योजना के प्रारंभ से अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 805 करोड़ रुपये
से अधिक की राशि महिलाओं को सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

  • Related Posts

    ग्राम नकटी मे अतिक्रमण हटाने की कारवाई के मामले मे सदन मे गर्भगृह पहुंचे विपक्षी सदस्य हुए निलंबित

      रायपुर l(शगुफ्ता शीरीन ) l छत्तीसगढ़ विधानसभा मे आज प्रश्नकाल के बाद विपक्षी सदस्यो ने ग्राम नकटी मे अतिक्रमण के खिलाफ पुलिस करवाई का मामला उठाया l नेता प्रतिपक्ष…

    Read more

    महतारी वंदन योजना से बदली लाखों महिलाओं की तकदीर, आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की गढ़ी जा रही नई तस्वीर

      हर महीने की सहायता बनी सम्मान, स्वाभिमान और स्वरोजगार की ताकत, वनांचल से गांव तक महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रायपुर, 15 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव…

    Read more

    NATIONAL

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण