
ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल को बताया प्रेरणादायी मॉडल
धमतरी, 17 जुलाई 2026। जिले में युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन की अभिनव पहल को नई पहचान मिली। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) में संयुक्त सचिव एवं स्टार्टअप इंडिया के प्रमुख, भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 1993 बैच के अधिकारी श्री संजीव सिंह ने धमतरी के समीप ग्राम कोलियरी स्थित अंबुजा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित ‘मधुरिमा गुरुकुल’ कौशल प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान श्री सिंह ने ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर, रिटेल सेल्स मैनेजमेंट, इलेक्ट्रीशियन एवं जनरल ड्यूटी असिस्टेंट जैसे विभिन्न ट्रेडों की कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी की जानकारी लेते हुए केंद्र में संचालित गतिविधियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं को रोजगारपरक एवं व्यवहारिक कौशल उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जिला प्रशासन और अंबुजा फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़ने का एक प्रेरणादायी मॉडल है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ‘मधुरिमा गुरुकुल’ के माध्यम से आसपास के गांवों के युवाओं को पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्र में तकनीकी प्रशिक्षण के अलावा सॉफ्ट स्किल, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और कार्यस्थल व्यवहार जैसे विषयों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि युवा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें। साथ ही विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक संस्थानों से समन्वय कर प्लेसमेंट के अवसर भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि श्री संजीव सिंह वर्तमान में डीपीआईआईटी में संयुक्त सचिव के रूप में स्टार्टअप इंडिया पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके कार्यक्षेत्र में आंतरिक व्यापार, ई-कॉमर्स, उपभोक्ता उद्योग, लाइट इंजीनियरिंग, उत्पादकता सुधार, अनुसंधान एवं विश्लेषण इकाई तथा प्रोजेक्ट डेवलपमेंट सेल्स शामिल हैं। इससे पूर्व वे आयकर विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए डेटा आधारित प्रशासन और प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण में उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं। वर्तमान में वे राज्य सरकारों, इनक्यूबेटरों और उद्योग जगत के साथ समन्वय स्थापित कर स्टार्टअप्स के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।









