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किचन गार्डन से आत्मनिर्भर बन रहीं बिहान की दीदियां

घर की बाड़ी में उग रहीं जैविक सब्जियां, घट रहा घरेलू खर्च और बढ़ रही पोषण सुरक्षा*

 

रायपुर, 18 जुलाई 2026/

घरों की बाड़ी (किचन गार्डन) में ताज़ा और जैविक (ऑर्गेनिक) सब्जियां उगाना आत्मनिर्भरता की ओर एक बेहतरीन कदम है। आप घर पर उपलब्ध रसोई के कचरे से खाद (कंपोस्ट) बना सकते हैं l

शुरुआत करने के लिए हरी मिर्च, धनिया, पालक, मूली, भिंडी और बैंगन जैसी आसानी से उगने वाली सब्जियों का चयन करें।

 

सुकमा जिले के गांवों में बिहान की दीदियां अब अपने घरों की बाड़ी में सब्जियां उगाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाएं न केवल परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि घरेलू खर्च भी कम कर रही हैं।

 

*प्रशिक्षण से मिली नई राह*

 

विकासखंड सुकमा के ग्राम डोडपाल में दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने घरों में किचन गार्डन विकसित कर रही हैं। समूह की सदस्य गंगी, कोसी और पूजा बताती हैं कि बिहान से जुड़ने से पहले उन्हें किचन गार्डन के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। बिहान के माध्यम से मिले प्रशिक्षण और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से उन्होंने अपने घरों में सब्जियां उगाना शुरू किया।

 

*परिवार को सालभर ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिल रही हैं*

आज उनकी बाड़ी में लौकी, करेला, बरबट्टी, तोरई, बैंगन, मिर्च और कट्टा भाजी सहित कई मौसमी सब्जियां लहलहा रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने मक्का की खेती भी की है। इससे परिवार को सालभर ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिल रही हैं।

 

*जैविक खेती से स्वस्थ परिवार*

 

बिहान की दीदियां अपनी बाड़ी में रासायनिक खाद के स्थान पर गोबर खाद का उपयोग कर जैविक तरीके से सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। इससे परिवार को ताजी और स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां मिल रही हैं। बाजार से सब्जियां खरीदने का खर्च भी कम हुआ है। महिलाओं का कहना है कि किचन गार्डन से उन्हें परिवार के लिए पौष्टिक भोजन मिल रहा है और घरेलू खर्च में बचत हो रही है। साथ ही, घर की खाली जगह का बेहतर उपयोग भी हो रहा है।

 

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

 

जिला प्रशासन की पहल से किचन गार्डन अब ग्रामीण परिवारों के लिए पोषण और बचत का मजबूत माध्यम बन रहा है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। किचन गार्डन की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ जैविक खेती, पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है।

 

*ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर*

 

जिला प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को किचन गार्डन से जोड़ना है, ताकि हर घर में ताजी सब्जियां उपलब्ध हों, परिवार का खर्च कम हो और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार हों।

 

उल्लेखनीय है कि बिहान की दीदियों की यह पहल बताती है कि छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। घर की बाड़ी में उगाई गई सब्जियां अब उनके परिवार की सेहत, बचत और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।

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