
जशपुरनगर 23 अगस्त 2026/ खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला जशपुर द्वारा विगत दिवस जिला पंचायत के संवाद सभागार कक्ष में फुटपाथ और सड़क किनारे खाद्य व्यापार करने वाले 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को निरूशुल्क फॉस्टेक (खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन) प्रशिक्षण दिया गया।
यह कार्यक्रम नेस्ले इंडिया एवं नासवी (नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया) के सहयोग से आयोजित किया गया।
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के अनुसार सभी खाद्य कारोबारियों के लिए फॉस्टेक प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण में चाय-नाश्ता-भोजन ठेला, टपरी, खोमचा, जलेबी-पकौड़ा-भजिया, चाट-गुपचुप-इडली-डोसा, भुंजा-फलीदाना, जूस-लस्सी-शेक, फास्ट फूड-मोमोज-चाइनीज और आइसक्रीम-फलूदा विक्रेताओं को शामिल किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों को स्वच्छता से तैयार करने, परोसने और हाइजीन के मानकों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई।
प्रमाण पत्र और हाइजीन किट का वितरण
प्रशिक्षण के बाद सभी 200 विक्रेताओं को फॉस्टैक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रमाण पत्र और हाईजीन किट निशुल्क दी गई। किट में खाना बनाने का एप्रन, सिर पर लगाने की टोपी, हेड कवर, हाथ के दस्ताने, किचन तौलिया, हाथ धोने का साबुन और गोल्डन रूल चार्ट दिया गया।
पाँच साल तक पंजीयन निःशुल्क
विभाग ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की योजना के तहत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को आवेदन करने पर पाँच साल के लिए खाद्य पंजीयन पूरी तरह से निशुल्क दिया जा रहा है।
इसके अलावा ईट राइट आंदोलन के तहत भोजन में कम तेल, कम नमक और कम शक्कर के उपयोग की सलाह दी गई। इस संबंध में शासन द्वारा जारी पोस्टर और पर्चे भी बांटे गए, ताकि विक्रेता अपनी दुकानों में लगाकर आम लोगों को जागरूक कर सकें।
अभिहित अधिकारी सागर दत्ता ने कहा कि जिले में लोगों को गुणवत्तापूर्ण, मानक और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेंगे।









