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जिले में 74 हे. का आयल पाम पौध रोपण की खेती के लिए दिया जाएगा अतिरिक्त अनुदान

जिले में 74 हे. का आयल पाम पौध रोपण एवं ऑयल पाम पौध रोपण की खेती के लिए अतिरिक्त अनुदान खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने तथा कृषकों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल योजना अंतर्गत ऑयल पॉम पौध रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में अतिरिक्त (टॉप अप) अनुदान प्रदान किया जा रहा है। ऑयल पॉम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं अधिक उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना न्यूनतम रहती है। तथा अन्य फसलों की तुलना में इसकी देखरेख अपेक्षाकृत आसान होती है। एक बार रोपण करने के पश्चात चौथे वर्ष से इसका उत्पादन प्रारम्भ होकर 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उत्पादन प्राप्त होता है। यह फसल पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हे. 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है। जिससे कृषकों को स्थायी आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। आयल पाम की प्रारंभिक लागत अधिक एवं 03 से 04 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रू प्रति हे. अनुदान के अतिरिक्त टॉप अप अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषकों को ऑयल पॉम रोपण हेतु प्रोत्साहन मिल सके। सहायक संचालक उद्यान द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जशपुर जिले में कुल 74.00 हे. का ऑयल पॉम पौध रोपण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को अतिरिक्त (टॉप-अप) अनुदान
राज्य शासन द्वारा ऑयल पॉम रखरखाव में पूर्व में दिये जा रहे 5250/- रुपये प्रति है. के अनुदान में 1500/- रुपये की वृद्धि करते हुये कुल 6750/- रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार अंतरवर्तीय फसलों हेतु अतिरिक्त वृद्धि के साथ कुल 10250/- रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले कृषकों को 8835/- रुपये की अतिरिक्त सहित कुल 22765/- रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु फेसिंग के लिये 54485/- रुपये प्रति हे. का अनुदान दिया जा रहा है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, अंतरवर्ती फसल, फेसिंग एवं ड्रिप मद में कुल 69620/- रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान केवल ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को प्रदान किया जा रहा है। योजना संबंधित अधिक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के लिये कृषक भाई-बहन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।
 

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